बार एसोसिएशन चुनाव में महामंत्री पद के लिए आठ प्रत्याशी मैदान में हैं। अपने चुनावी मुद्दे बताते हुए कहा कि अधिवक्तापुरम बसाएंगे, चैंबर भी बनवाएंगे, प्रोत्साहन राशि व पेंशन भी दिलाएंगे।
बार एसोसिएशन चुनाव में महामंत्री पद पर आठ प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। किसी के पास 36 साल की वकालत का अनुभव है तो कोई अधिवक्ताहित में काम करने के अपने संकल्प के साथ पहली बार चुनाव मैदान में भाग्य आजमा रहा है। वहीं, कुछ प्रत्याशी ऐसे हैं जो पहले भी बार या लॉयर्स एसोसिएशन की कार्यकारिणी में पदाधिकारी रह चुके हैं और अपने अनुभव का लाभ अधिवक्ताओं को देने के लिए आतुर हैं। सभी प्रत्याशी कचहरी में अधिवक्ताओं के चैंबर्स और उनके घरों तक जाकर अपने पक्ष में मतदान की अपील कर रहे हैं।
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नाम : बिनय कुमार मिश्रा
पंजीकरण वर्ष : 2000
वकालत का अनुभव : 24 वर्ष
राजनीतिक अनुभव : बार और लॉयर्स दोनों एसोसिएशन में उपाध्यक्ष रह चुके।
प्राथमिकता : बार-बेंच में सामंजस्य बनाएंगे, वकीलों का सामूहिक बीमा कराएंगे। चैंबर निर्माण के साथ पुलिस-अधिवक्ता संघर्ष रोकने के लिए कमेटी गठित करेंगे।
नाम : रामजी दुबे
पंजीकरण वर्ष : 1988
वकालत का अनुभव : 36 वर्ष
राजनीतिक अनुभव : बार एसोसिएशन में मंत्री व लॉयर्स एसोसिएशन में महामंत्री रह चुके।
प्राथमिकता : अधिवक्ताओं की आवास समस्या हल करने के लिए अधिवक्तापुरम बसाएंगे, कचहरी में बैठने के लिए चैंबर निर्माण कराएंगे, युवाओं को प्रोत्साहन राशि दिलवाएंगे।
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नाम : हेमेंद्र कुमार श्रीवास्तव
पंजीकरण वर्ष : 1996
वकालत का अनुभव : 28 वर्ष
राजनीतिक अनुभव : बार एसोसिएशन में मंत्री रह चुके।
प्राथमिकता : अधिवक्ताहित के लिए संघर्षरत रहेंगे। अधिवक्ताओं के खिलाफ झूठी मुकदमेबाजी पर अंकुश लगाएंगे। नियम-कानून का पालन करेंगे और करवाएंगे।
नाम : प्रशांंत कुमार वाजपेई
पंजीकरण वर्ष : 2003
वकालत का अनुभव : 21 वर्ष
राजनीतिक अनुभव : लॉयर्स एसोसिएशन में उपाध्यक्ष रह चुके।
प्राथमिकता : न्याय का मंदिर महकेगा, न्याय की देवी मुस्कुराएगी इसी स्लोगन को अमल में लाएंगे। कचहरी में नियमित सफाई होगी, अदालतों की अनियमितताएं खत्म करेंगे।
नाम : सुशील कुमार सिंह
पंजीकरण वर्ष : 2004
वकालत का अनुभव : 20 वर्ष
राजनीतिक अनुभव : तीसरी बार चुनाव मैदान में
प्राथमिकता : बार-बेंच में सामंजस्य बनाएंगे। अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम, युवा अधिवक्ताओं के लिए प्रोत्साहन राशि और बुजुर्गों के लिए पेंशन योजना लागू करने पर जोर रहेगा।
नाम : श्रीकांत मिश्रा
पंजीकरण वर्ष : 2004
वकालत का अनुभव : 20 वर्ष
राजनीतिक अनुभव : पहली बार चुनाव में भाग्य आजमा रहे।
उपलब्धि : 20 साल की वकालत में कई पेंचीदे मुकदमों में पीडि़तों को न्याय दिलाया। वकालत ही एकमात्र पेशा है।
प्राथमिकता : 1100 रुपये का होगा वकालतनामा जिससे 1000 रुपये अधिवक्ता को मिलेंगे। मुकदमों की सुनवाई में सामान्य अधिवक्ता और पदाधिकारी के बीच का फर्क मिटाएंगे।
नाम : अमित सिंह
पंजीकरण वर्ष : 2006
वकालत का अनुभव : 18 वर्ष
राजनीतिक अनुभव : पहली बार चुनाव में भाग्य आजमा रहे।
प्राथमिकता : अधिवक्ता की मृत्यु पर परिजनों को बार एसोसिएशन से 50 हजार रुपये की तत्काल सहायता देंगे। न्यायिक अधिकारी समय से अदालतों में बैठी यह सुनिश्चित करेंगे।
नाम : चंद्रशेखर तिवारी
पंजीकरण वर्ष : 2009
वकालत का अनुभव : 15 वर्ष
राजनीतिक अनुभव : पहली बार चुनाव में भाग्य आजमा रहे।
प्राथमिकता : कचहरी में अधिवक्ताओं को रियायती दर पर भोजन के लिए कैंटीन शुरू कराएंगे। अदालतों में अधिवक्ताओं के बैठने की व्यवस्था और साफ-सफाई पर जोर देंगे।