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रोजगारपरक योजनाओं को सहयोग नहीं कर रहे बैंक, कमिश्नर ने उद्योग विभाग को दी ये चेतावनी

Sun, 29 Sep 2019 06:06 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : गूगल
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केंद्र और प्रदेश सरकार की रोजगारपरक योजनाओं को बैंकों का सहयोग नहीं मिल रहा है। उद्योग विभाग से 138 लोगों की ऋण लेने की पात्रता साबित होने के बाद बैंकों ने महज 11 लोगों को ही लोन दिया। 
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कानपुर में शनिवार को मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक में कमिश्नर सुभाष चंद शर्मा ने बैंकों की ओर से ऋण देने की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई। कमिश्नर ने सबसे पहले रोजगारपरक योजनाओं की समीक्षा की। संयुक्त आयुक्त उद्योग से कहाकि उनका विभाग रोजगार बढ़ाने की दिशा में ध्यान नहीं दे रहा है। पात्र व्यक्ति को बैंक ऋण नहीं दे रहे तो इसकी शिकायत क्यों नहीं करते? एक महीने में ऋण देने की गति में तेजी न आई तो कार्रवाई को तैयार रहें।
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उद्योग विभाग के आंकड़ों से उन्हें पता चला कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत बीते छह माह में सिर्फ तीन लोगों को ऋण मिला है। जबकि 55 लोगों को इस योजना के तहत ऋण की स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन बैंकों ने उन्हें काम करने के लिए पैसा नहीं दिया।

इसी तरह मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 11 लोगों को ही ऋण मिला। जबकि 48 लोगों को ऋण स्वीकृत हो चुका है। एक जिला एक उत्पाद में छह माह में सिर्फ आठ लोगों को ऋण मिला है। 35 लोग स्वीकृत फाइल लिए टहल रहे हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार की सभी महत्वपूर्ण रोजगारपरक योजनाओं में बैंकों के इस रवैये की रिपोर्ट सरकार तक पहुंचाने की बात कही। लीड बैंक मैनेजर एके वर्मा और संयुक्त आयुक्त उद्योग सर्वेश्वर शुक्ल ने कहाकि अगली बैठक में लोन न देने वाले बैंकों की सूची उपलब्ध कराई जाएगी। 
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