कानपुर देहात। निजीकरण के विरोध में बैंकों के अफसर व कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के चलते 98 बैंक शाखाएं बंद रहीं, जिससे करीब सौ करोड़ का लेनदेन प्रभावित रहा। बैंक बंद होने से ग्राहकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हड़ताल आज भी जारी रहेगी।
निजीकरण के विरोध में कर्मी बैंक बंद कर हड़ताल पर हैं। जिले की 161 में शाखाओं में से 98 बंद रहीं। हालांकि, ग्रामीण बैंक की 47, जिला सहकारी की 12, भूमि विकास बैंक की चार शाखा सहित कुल 63 बैंक शाखाएं खुली रहीं। इधर, अलग-अलग बैंकों की 98 शाखाएं बंद रहने से जिले में सौ करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित रहा।
बैंक उपभोक्ताओं के काम न होने से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जानकारी के अभाव में लोग बैंक पहुंच गए। वहां हड़ताल की जानकारी होने पर उन्हें वापस होना पड़ा। इस दौरान दूर-दराज से आए लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। अकबरपुर, रूरा, झींझक, रसूलाबाद, डेरापुर, शिवली, रनियां, राजपुर, सिकंदरा सहित अन्य जगहों पर बैंक के बाहर लोगों की भीड़ दिखी, लेकिन काम न होने पर उन्हें लौटना पड़ा। अग्रणी बैंक मैनेजर बृज मोहन ने बताया कि हड़ताल दो दिवसीय है। मंगलवार को भी बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।
एटीएम भी दे गए दगा
कानपुर देहात। हड़ताल के चलते जिलेभर की बैंक शाखाएं बंद रहीं। वहीं अकबरपुर, रनियां सहित अन्य कस्बों में लगी एटीएम मशीनें भी दगा दे गईं। कैश न होने से लोगों मायूस होकर खाली हाथ लौटना पड़ा। इससे लोगों की समस्याएं और बढ़ गईं। वहीं, जनसेवा केंद्रों पर सोमवार को रुपये निकालने वालों की खूब भीड़ देखने को मिली। (संवाद)
झींझक स्थित एटीएम में कैश न होने से पसरा सन्नाटा।- फोटो : AKBARPUR
डेरापुर में बैंक बंद होने से मायूस होकर लौटते ग्राहक।- फोटो : AKBARPUR