कानपुर देहातः बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, मूसानगर सरायं शाखा में हुए सवा करोड़ रुपये घोटाले के मामले में 26 खातों के माध्यम से रकम का हेरफेर किया गया। आरोपी तत्कालीन बैंक प्रबंधक व उसके सहयोगी खाताधारक की जानकारी के बिना ही फर्जी हस्ताक्षर करके रकम का गोलमाल करते थे। रविवार को इस बात की जानकारी बैंक के मुख्य क्षेत्रीय अधिकारी जीके मिश्रा ने दी।
बताया गया है कि आरोपी तत्कालीन बैंक प्रबंधक सरोज कुमार, ऋण अधिकारी जफर आलम और निजी कर्मी श्रीकिशन खाताधारक की जानकारी के बिना किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाते थे। इसके बाद खाताधारक का फर्जी हस्ताक्षर कर राशि को दूसरे खाते में स्थानांतरित करते थे। मूसानगर थानाध्यक्ष देवेश शुक्ला ने बताया कि महेरा गांव निवासी बाबूराम का खाता चेक किया गया। जिसमें उनकी लिमिट 2.29 लाख से बढ़ाकर 7.50 लाख रुपये की गई। इसके बाद उक्त रकम को सेविंग एकाउंट में स्थानांतरित किया गया। इसके बाद खाताधारक की जानकारी के बिना ही उसके फर्जी हस्ताक्षर करके राशि को दूसरे खाते में स्थानांतरित किया गया।
उन्होंने बताया कि अन्य संदिग्ध खातों को भी चेक किया जा रहा है, साथ ही अन्य बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है, जिसके बाद ही स्पष्ट होगा कि कितने लोग शामिल हैं और किन माध्यमों से इतनी बड़ी रकम का घोटाला हुआ। रविवार को एसपी रतनकांत पांडेय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। वहीं तीसरे आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।