छोटे नोटों (10 और 20 के) की बढ़ती संख्या से बैंक कर्मचारी और अफसर परेशान हैं। आरबीआई और ग्राहकों के इन नोटों के न लेने से बैंकों में इन्हें रखने की जगह कम पड़ रही है। हाल यह है कि इन्हें संदूकों और अलमारियों में रखना पड़ रहा है।
अलग-अलग चेस्ट करंसी और बैंकों में करीब 100 करोड़ से अधिक के छोटे नोट डंप पड़े हैं। यही हाल सिक्कों का भी है। शहर में अलग-अलग बैंकों की सैकड़ों शाखाएं हैं। इसके अलावा एसबीआई की पांच, पीएनबी की दो, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया की एक-एक के अलावा अन्य बैंकों की तीन दर्जन से अधिक चेस्ट करेंसी (जहां नोट रखे जाते हैं) हैं।
क्लीन करेंसी के तहत आरबीआई 10, 20, 50 और सौ के नए नोट ला चुकी है। पुराने नोट भी बाजार और बैंकों के पास हैं। वी बैंकर्स एसोसिएशन के महामंत्री आशीष मिश्रा ने बताया कि ग्राहकों छोटे नोट लेने से मना कर देते हैं।