बांग्लादेशियों के वोटर आईडी कार्ड निरस्त करने के लिए नोटिस देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। तहसीलदार अनिल कुमार को प्राथमिक जांच में इनकी नागरिकता के प्रमाण नहीं मिले हैं।
नोटिस देकर इनसे प्रमाण देने को कहा जाएगा। सात दिन में प्रमाण न देने पर वोटर आईडी कार्ड निरस्त किए जाएंगे। लोकसभा में मुद्दा उठने के बाद राज्य सरकार के आदेश पर 2009 में एसडीएम सदर ने जांच के बाद 194 बांग्लादेशियों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की संस्तुति की थी।
बावजूद ऐसा हुआ नहीं। अब बिना नागरिकता के वोटर लिस्ट में शामिल नामों की संख्या लगभग सात सौ पहुंच गई है।
मामला संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने नोटिस देकर नागरिकता के दस्तावेज मांगे जाने की बात कही थी। इसके बाद एडीएम सिटी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने एसडीएम सदर डीडी वर्मा और तहसीलदार अनिल कुमार को जांच दी थी। अभी तक की जांच में बांग्लादेशियों के नागरिकता न लेने की बात सामने आई है।
एसडीएम सदर डीडी वर्मा ने कहा कि तहसीलदार अभी जांच कर रहे हैं। प्राथमिक जांच में बांग्लादेशियों के पास नागरिकता न होने के प्रमाण मिले हैं। इसलिए नोटिस देकर नागरिकता के प्रमाण देने को कहा जाएगा। प्रमाण न देने पर वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाएंगे।-