ट्रेन से गुजरात ले गया था आरोपी
जब उसे होश आया, तो वह कालिंजर में थी। इसके बाद उसका एक साथी और आ गया। दोनों उसे बरौली ले गए। वहां खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया। इससे रात भर बेहोश रही। 15 मई की सुबह अतर्रा रेलवे स्टेशन से ट्रेन में गुजरात ले गए।
तीनों मिलकर 14 दिनों तक करते रहे दुष्कर्म
सूरत के गणेश नगर मोहल्ले में उसे रखा था। गुड्डू और उसके दो साथी लगातार दुष्कर्म करते रहे। दिन में कमरा बंद कर चले जाते थे। किशोरी ने बताया कि उसके मोबाइल फोन का सिम निकालकर छिपा दिया था। खोजने पर सिम मिला है, तो फोन किया है।
भाई और रिश्तेदार ने छुड़ाया
मां ने गुजरात में रहने वाले भाई को घटना बताई। इसके बाद उसे व वहीं रह रहे दामाद को किशोरी को लाने भेजा। 30 मई को किशोरी को वहां से मुक्त कराया गया। गुरुवार को उसे नरैनी कोतवाली लाकर बयान दर्ज कराए गए। आरोपियों की तलाश में कई टीमें लगा दी गई हैँ।
तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया परीक्षण
शुक्रवार को जिला महिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया। डॉ. ऋतंभरा समेत तीन डॉक्टरों के पैनल से मेडिकल किया। डॉ. ऋतंभरा ने बताया कि किशोरी की स्लाइड बनाई गई है। मामला 15 दिन पुराना है। नरैनी कोतवाल अरविंद सिंह गौर ने बताया कि किशोरी को शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
मुस्लिम महिला के जरिए हुई थी आरोपी से पहचान
किशोरी ने बताया कि उसके मोहल्ले में रहने वाली एक मुस्लिम महिला के घर वह आती-जाती थी। महिला ने कई बार मोबाइल फोन पर उसकी बात पन्ना निवासी गुड्डू से कराई थी। इसलिए वह उसे जानने लगी थी। आरोपी युवक करतल रोड में रेडीमेड कपड़े की दुकान में काम भी करता था।
मकान मालिक को बताया था कि पत्नी है
किशोरी ने बताया कि अपहरण कर ले जाने वाले युवक ने सूरत में जिस मकान में उसे रखा था, उसके मकान मालिक से किशोरी को पत्नी बताया था। जब किशोरी के मामा और जीजा लेने पहुंचे, तो मकान मालिक ने विरोध किया था। पूरी बात बताने पर उसे ले जाने दिया था।