फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बांदा: डीएपी टोकन वितरण में हंगामा, किसानों और केंद्र प्रभारी के बीच धक्कामुक्की, पुलिस की मौजूदगी में नोकझोंक

Wed, 21 Oct 2026 12:50 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा

सार

Banda News: नरैनी स्थित क्रय-विक्रय केंद्र पर डीएपी खाद के टोकन वितरण के दौरान बुधवार को किसानों और केंद्र प्रभारी के बीच जमकर हंगामा और धक्कामुक्की हुई। नायब तहसीलदार और पुलिस बल की मौजूदगी में एक किसान द्वारा टोकन छीने जाने से अफरा-तफरी मच गई।
विज्ञापन
क्रय-विक्रय केंद्र पर डीएपी खाद के टोकन लेने के लिए जुटे किसान - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बांदा जिले के नरैनी कस्बे में क्रय-विक्रय केंद्र में डीएपी खाद के टोकन वितरण के दौरान बुधवार को किसानों और केंद्र प्रभारी के बीच झिकझपटी और धक्कामुक्की हो गई। मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार मनोज कुमार और कोतवाली के उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार की मौजूदगी में टोकन बांटे जा रहे थे। इसी दौरान एक किसान ने केंद्र प्रभारी के हाथ से पांच टोकन छीन लिए। इस पर दरोगा ने किसान को पकड़ लिया।

विज्ञापन

घटना के दौरान केंद्र पर कुछ देर अफरा-तफरी का माहौल रहा। क्रय-विक्रय केंद्र प्रभारी कृष्ण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि केंद्र पर डीएपी खाद की 500 बोरियां उपलब्ध हैं। बुधवार को 250 किसानों को टोकन दिए गए हैं। इन किसानों को गुरुवार को प्रति किसान दो-दो बोरी खाद दी जाएगी। कर्मचारियों की कमी के कारण बुधवार को खाद का वितरण नहीं हो सका। किसानों को टोकन देकर अगले दिन बुलाया गया है।

Trending Videos

बी-पैक्स कर्मचारियों की हड़ताल से बढ़ेगी परेशानी
उधर, बी-पैक्स कर्मचारी गुरुवार से हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं। सचिव हरिओम द्विवेदी ने बताया कि बुधवार को कर्मचारियों की मशीनें जमा हो गई हैं। नियमित वेतनमान और कैशलेस व्यवस्था समेत अन्य मांगों को लेकर कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। इससे खाद वितरण व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
विज्ञापन

बढ़ सकती हैं किसानों की मुश्किलें
पहले से ही डीएपी खाद के लिए परेशान किसानों को अब वितरण के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है। बी-पैक्स कर्मचारियों की हड़ताल के बीच क्रय-विक्रय केंद्र के भरोसे सभी किसानों तक खाद पहुंचाना विभाग के लिए चुनौती होगा। हड़ताल लंबी चली, तो रबी की फसलों की बुवाई के लिए खाद जुटाने में किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें