दो युवकों द्वारा 15 वर्षीय किशोरी को स्कूल व कोचिंग जाते समय उसके साथ छेड़खानी करने व गाली गलौज करने के मामले में दोनों को दोषी पाया। इस पर विशेष न्यायाधीश पाक्सो प्रदीप कुमार मिश्रा की अदालत ने बृहस्पतिवार को चार-चार वर्ष का सश्रम कारावास सुनाया। साथ ही अन्य धारा में सजा सहित तीन-तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। जिसकी अदायगी न करने पर दो-दो माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी। दोनों दोषियों को जेल भेज दिया गया।
नरैनी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी के पिता ने थाने में 13 मई 2022 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उसकी 15 वर्षीय पुत्री जब स्कूल व इसके बाद कोचिंग जा रही थी तो रास्ते में सद्दाम व एनुद्दीन उसकी पुत्री का पीछा करते थे। उसका हाथ पकड़कर साइकिल से गिरा देते थे और कहते थे कि मोबाइल फोन पर बातचीत नहीं करती हो। इसके लिए वह दोनों मोबाइल भी दे रहे थे और तरह तरह की अभद्रता की बात करते थे। मना करने पर धमका देते थे कि यदि वह कॉल नहीं करेगी तो मारेंगे और गांव में रहने नहीं देंगे।
जब उसने व उसकी पत्नी से यह बात बताई तो वह दोनों उनके घर उलाहना देने गए। घरवालों ने कहा कि हम लोग अपनी जमीन बेच दें और हमारे लड़के इसी तरह करते रहेंगे। इसके बाद इन्हीं बातों को लेकर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। तत्कालीन विवेचक एसआई कौशल सिंह ने मामले का आरोपपत्र 20 सितंबर 2022 को अदालत में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। न्यायाधीश ने सद्दाम व एनुद्दीन को दोषी पाते हुए सजा व जुर्माना से दंडित किया।