शिवबरन यादव उर्फ पुजारी की फाइल फोटो व बिलखते परिज
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गेहूं की उपज कम होने से परेशान किसान ने सोमवार की देर शाम खेत में जहर खा लिया। देर रात अस्पताल में उनकी मौत हो गई। खप्टिहा कलां गांव के नया डेरा निवासी किसान शिवबरन उर्फ पुजारी यादव (55) ने बलकट पर एक साल के लिए छह हजार रुपये बीघा के हिसाब से 30 बीघा में फसल उगाई थी। सिर्फ 30-35 क्विंटल उत्पादन होने से परेशान था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शिवबरन के बड़े भाई रामनारायण ने बताया कि शिवबरन तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी शादी नहीं हुई थी। सोमवार की देर शाम वह खेत में था। पिता भोला यादव खेत में लगे ट्यूबवेल में रहते हैं। पिता के पास भाई चुन्नू खीर बना रहा था। उसने शिवबरन से कहा कि भइया खीर खा लेना। इसी बीच शिवबरन खेत में टहलने निकल गया। कुछ दूर जाकर उसने लोटा में जहर घोलकर पी लिया। भाई चुन्नू जब उसे बुलाने गया तो उसकी हालत बिगड़ी हुई थी। उसने चुन्नू से कहा कि उससे बहुत बड़ी भूल हुई है, जो उसने जहर खा लिया। परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। देर रात करीब 11:30 बजे उसकी मौत हो गई।
रामनारायण ने बताया कि शिवबरन ने बलकट पर 30 बीघा में गेहूं की फसल बोई थी। इतनी जमीन में कम से कम 150 क्विंटल उपज होनी चाहिए थी, लेकिन हुई थी 30-35 क्विंटल। इतनी कम उपज होने से लागत भी नहीं निकल पाई। उन्होंने बताया कि मौसम के जल्दी गर्म हो जाने की वजह से फसल प्रभावित हो गई थी। वहीं, भाई चुन्नू ने बताया कि उनके पिता भी खेती करते हैं। मां चुन्नी की वर्ष 2015 में निधन हो चुका है। पैलानी थाना इंस्पेक्टर सुखराम सिंह ने बताया कि परिजन उपज कम होने की बात कह रहे हैं। पोस्टमार्टम कराया गया है। मामले की जांच की जा रही है।