फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Banda: उपज कम होने से परेशान किसान ने जहर खाकर जान दी, जांच में जुटी पुलिस

Tue, 13 May 2025 08:43 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा

सार

Banda News: बलकट पर छह हजार रुपये के हिसाब से 30 बीघा जमीन में गेहूं की फसल उगाई थी। उपज कम होने से परेशान किसान ने जान दे दी।
विज्ञापन
शिवबरन यादव उर्फ पुजारी की फाइल फोटो व बिलखते परिज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गेहूं की उपज कम होने से परेशान किसान ने सोमवार की देर शाम खेत में जहर खा लिया। देर रात अस्पताल में उनकी मौत हो गई। खप्टिहा कलां गांव के नया डेरा निवासी किसान शिवबरन उर्फ पुजारी यादव (55) ने बलकट पर एक साल के लिए छह हजार रुपये बीघा के हिसाब से 30 बीघा में फसल उगाई थी। सिर्फ 30-35 क्विंटल उत्पादन होने से परेशान था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन



शिवबरन के बड़े भाई रामनारायण ने बताया कि शिवबरन तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी शादी नहीं हुई थी। सोमवार की देर शाम वह खेत में था। पिता भोला यादव खेत में लगे ट्यूबवेल में रहते हैं। पिता के पास भाई चुन्नू खीर बना रहा था। उसने शिवबरन से कहा कि भइया खीर खा लेना। इसी बीच शिवबरन खेत में टहलने निकल गया। कुछ दूर जाकर उसने लोटा में जहर घोलकर पी लिया। भाई चुन्नू जब उसे बुलाने गया तो उसकी हालत बिगड़ी हुई थी। उसने चुन्नू से कहा कि उससे बहुत बड़ी भूल हुई है, जो उसने जहर खा लिया। परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। देर रात करीब 11:30 बजे उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


रामनारायण ने बताया कि शिवबरन ने बलकट पर 30 बीघा में गेहूं की फसल बोई थी। इतनी जमीन में कम से कम 150 क्विंटल उपज होनी चाहिए थी, लेकिन हुई थी 30-35 क्विंटल। इतनी कम उपज होने से लागत भी नहीं निकल पाई। उन्होंने बताया कि मौसम के जल्दी गर्म हो जाने की वजह से फसल प्रभावित हो गई थी। वहीं, भाई चुन्नू ने बताया कि उनके पिता भी खेती करते हैं। मां चुन्नी की वर्ष 2015 में निधन हो चुका है। पैलानी थाना इंस्पेक्टर सुखराम सिंह ने बताया कि परिजन उपज कम होने की बात कह रहे हैं। पोस्टमार्टम कराया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें