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मां-बाप लॉकडाउन में फंसे, बेटी ने फांसी लगाकर दी जान, शव देखते ही घर में मच गया कोहराम

Thu, 16 Apr 2020 08:41 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
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फांसी (सांकेतिक) - फोटो : Amar Ujala
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बांदा के नरैनी कस्बे में हाईस्कूल की छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा के माता पिता मजदूरी के लिए महानगर गए। वहां लॉकडाउन में फंस गए। इधर, दादी और भाई-बहनों के साथ रह रही किशोरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। एक अन्य घटना में युवक ने फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की।
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चाचा का कहना है कि आत्महत्या की वजह पता नहीं चल पा रही। अलबत्ता परिवार के आर्थिक हालात ठीक नहीं हैं। कोतवाली क्षेत्र के मुकेरा गांव के मजरा भड़ेरा में कोमल यादव (16) पुत्री कल्लू ने बुधवार की शाम कमरा बंद कर सीलिंग पर साड़ी बांधकर फंदे पर झूल गई।

कुछ देर बाद वहां आई छोटी बहन दीपा ने दीवार के झरोखे से शव लटकता देखा। सूचना के करीब दो घंटे बाद पहुंची यूपी-112 पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। गुरुवार को पोस्टमार्टम हाउस में मृतका के चाचा गंगा यादव ने बताया कि कोमल हाईस्कूल की छात्रा थी। घटना के वक्त घर में दादी भोला थी।
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दो अन्य बहनें हरछठिया और क्रांति पशु चराने गई थीं। कोमल की मां उमा और पिता कल्लू नोएडा में मजदूरी करते हैं। लॉकडाउन से दोनों वहीं फंसकर रह गए। कामकाज ठप होने से यहां घर के आर्थिक हालात अच्छे नहीं हैं। फिलहाल परिजन आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं कर सके। मृतका पांच बहनों में दूसरे नंबर की थी।

एक अन्य घटना मेें जसपुरा थाना क्षेत्र के सिकहुला गांव निवासी वीरन (19) पुत्र रामकिशोर ने बुधवार को शाम घर में रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। परिजनों ने फंदा काटकर गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। घटना की वजह किसी बात को लेकर घरवालों से झगड़ा बताया गया है। वहीं शहर में एक स्थान पर युवा मजदूर ने घर में रस्सी से फांसी लगाकर जान दे दी।

कोतवाली देहात क्षेत्र के बिलबई गांव निवासी संजय (23) पुत्र कल्लू ने गुरुवार को दोपहर छत के हुक में रस्सी से फांसी लगा ली। खेत से लौटे परिजनों ने शव लटका देखा। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। भाई मनोज ने बताया कि संजय अविवाहित था और दिल्ली में मजदूरी करता था। लॉकडाउन से पूर्व 21 मार्च को घर लौट आया था। घटना का कारण पता नहीं लग रहा। वह चार भाइयों में दूसरे नंबर का था।
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