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सीबीआई बोली, सबूत मिल गए, मेहनत सफल रही

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बांदा। पचास से ज्यादा बच्चों के यौन उत्पीड़न के आरोपी सिंचाई विभाग के निलंबित जेई रामभवन मामले की जांच कर रही दिल्ली की सीबीआई टीम ने पाक्सो कोर्ट में कहा कि हमने पर्याप्त साक्ष्य हासिल कर लिए हैं। हमारी मेहनत सफल हो गई है। अब इन साक्ष्यों को अपने बड़े अफसरों के सामने प्रस्तुत करेंगे। जरूरत पड़ने पर स्क्रूटनी भी होगी। सीबीआई ने कोर्ट में आरोपी की रिमांड अवधि बढ़ाने की भी अर्जी दी। कोर्ट ने 14 दिसंबर तक के लिए न्यायिक अभिरक्षा बढ़ा दी है।
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जेल में आइसोलेशन सेल में निरुद्ध आरोपी जेई की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी कराई गई। आरोपी जेई रामभवन को सीबीआई ने करीब 74 घंटे अपनी कस्टडी में रखने के बाद 29 नवंबर को दोपहर वापस जेल में दाखिल कर दिया था। इसके बाद दो दिन कोर्ट में अवकाश रहा। मंगलवार को न्यायालय खुलने पर सीबीआई के उपाधीक्षक अमित कुमार अपने तीन अन्य सहयोगियों के साथ दोपहर करीब 12 बजे अदालत पहुंचे। मामले की सुनवाई कर रहे पास्को एक्ट के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद रिजवान अहमद के समक्ष केस डायरी पेश की। साथ ही आरोपी की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की अर्जी भी दी। सीबीआई उपाधीक्षक ने कहा कि जो साक्ष्य चाहिए थे वह लगभग हासिल हो गए हैं।
सीबीआई अधिकारी ने रिमांड अवधि में आरोपी से की गई पूछताछ, निशानदेही इत्यादि कार्रवाइयों के बारे में अदालत को अवगत कराया। यह भी बताया कि रिमांड पर लेने से पहले आरोपी की जेल में कोविड-19 जांच कराई गई थी, जिसमें वह निगेटिव पाया गया था। न्यायाधीश ने सीबीआई उपाधीक्षक को सुनने के बाद केस डायरी का अवलोकन किया और इसे सीन किया। एडीजीसी मनोज दीक्षित ने भी सीबीआई की वकालत की। उधर, सीबीआई की अर्जी पर न्यायाधीश ने 14 दिसंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है।
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आरोपी जेई रामभवन के अधिवक्ता देवदत्त तिवारी ने कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जेल के आइसोलेशन सेल में निरुद्ध आरोपी से बातचीत की। पूछा कि कस्टडी रिमांड के दौरान सीबीआई ने कोई मानसिक, शारीरिक प्रताड़ना तो नहीं दी। अधिवक्ता ने बताया कि आरोपी ने ऐसी किसी कार्रवाई से इनकार किया। बताया कि सीबीआई को जांच में पूरा सहयोग दिया है।
इंटरनेट पर पोर्न वीडियो अपलोड कर लाखों रुपये कमाने की जांच में सीबीआई की टीम ने मंगलवार को रेस्ट हाउस में जेई की तीनों ईमेल आईडी से फिर मिलान कर जानने का प्रयास किया कि आखिर कैसे डार्कवेब तक पहुंचा। इस साइड तक पहुंचने को इंटरनेट के कुशल जानकार की जरूरत होती है। सीबीआई इसकी शिकायत देश के कई जगह से होने पर एक साल से जांच कर रही थी। इसी बीच सीबीआई की विशेष टीम ओपन सोर्स पर अपलोड बच्चों के पोर्न वीडियो तक पहुंची। इसी दौरान सोनभद्र के एक इंजीनियर व चित्रकूट के इंजीनियर की ईमेल आईडी से वीडियो अपलोड मिला। इसी ईमेल आईडी का पता करते हुए सीबीआई पहले सोनभद्र फिर चित्रकूट तक पहुंच गई। सीबीआई को जेई के घर पर मिली कई इलेक्ट्रॉनिक्स सामग्री भी संदेह को बढ़ा रही हैं।
निलंबित जेई रामभवन पर मासूम और नाबालिग बच्चों का यौन उत्पीड़न और उनके अश्लील वीडियो व फोटोग्राफ्स तैयार कर डार्क वेब समेत अन्य इंटरनेशनल पोर्न साइट के माध्यम से बेचने का आरोप है। डार्क वेब की छानबीन के दौरान सीबीआई ने मामला पकड़ा, फिर महीनों की जांच के बाद जेई को 16 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया। 17 नवंबर को उसे बांदा की पॉक्सो कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया था। पिछले दिनों सीबीआई ने आरोपी को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की थी।
बच्चों के यौन उत्पीड़न के आरोपी सिंचाई विभाग के निलंबित जेई रामभवन के 16 रिश्तेदार भी सीबीआई के रडार पर हैं। इनके बारे में सीबीआई ने गुपचुप तरीके से जांच शुरू कर दी है। अफसरों का मानना है कि आरोपी जेई अकेले यौन उत्पीड़न के साथ ही बच्चों का वीडियो और फोटो नहीं बना सकता है। कोई न कोई रिश्तेदार या करीबी उसके साथ अपराध में शामिल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जेई और यौन उत्पीड़न के शिकार बच्चों से पूछताछ में कई नई बातें सीबीआई के सामने आई हैं। इसके आधार पर अफसरों ने आरोपी जेई के 16 रिश्तेदारों व कुछ करीबियों की सूची तैयार की है। इनके और जेई के बीच संबंध बहुत अच्छे बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई टीम ने सूचीबद्ध रिश्तेदारों और करीबियों के चालचलन के साथ ही उनकी आर्थिक स्थित के बारे में गुपचुप तरीके से जानकारी जुटाने में लगी है। शक के दायरे में आए लोगों के आफिस और घर से आसपास से टीमें तथ्य जुटाए जा रहे हैं। इन लोगों के मोबाइल की कॉल डिटेल भी देखी जा रही। सीबीआई अफसरों का मानना है कि यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी जेई रामभवन की करतूतों में कोई न कोई रिश्तेदार और करीबी शामिल है।
यौन उत्पीड़न के आरोपी निलंबित जेई रामभवन की बांदा अदालत में पेशी के बाद भी चित्रकूट में मौजूद सीबीआई की एक टीम साक्ष्यों को एकजुट में जुटी रही। परिषदीय स्कूल के दो शिक्षकों के अलावा अब एक इंटर कालेज के शिक्षक व उसके परिजन भी जांच के दायरे में आए हैं। इस शिक्षक परिवार से सीबीआई की टीम पूछताछ के लिए साक्ष्यों को जुटा रही है। इसके अलावा जेई की तीन मेल आईडी से संबंधित लोगों का रिकार्ड खंगाला जा रहा। मंगलवार को तीन सीबीआई अफसर सिंचाई विभाग के रेस्ट हाउस से लेकर शहर के कुछ स्थानों पर सबूतों को एकत्र करने व पहले से मिले साक्ष्यों का मिलान करने पहुंची। परिषदीय स्कूल में तैनात दो शिक्षकों से कुछ अन्य साक्ष्य भी मांगे गए हैं। सीबीआई इन दोनों के रिकार्ड खंगाल रही है। इनके पास से मिले मोबाइल व इनकी ईमेल आईडी से तथ्य तलाशे जा रहे हैं। मंगलवार को ही सीबीआई ने शहर के एक इंटर कालेज में शिक्षण कार्य कराने वाले प्रवक्ता को भी जांच के दायरे में शामिल किया है। सूत्रों के अनुसार, इस शिक्षक समेत इनके परिवार के लोगों का जेई से नजदीकी संबंध रहा है।
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