घर में घुसकर वृद्ध की हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रपाल द्वितीय की अदालत ने दोषी पूर्व प्रधान समेत दो लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों दोषियों पर 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। बिसंडा थाना क्षेत्र के अकौना गांव निवासी गीता ने 26 मार्च 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि 25 मार्च की रात वह अपने घर में थी। रात 12 बजे एक व्यक्ति उसके कमरे में घुस आया। उसके शोर मचाने पर पहुंचे ससुर 65 वर्षीय बंधुआ की नींद खुल गई।
घटना के बाद आरोपी युवक मौके से भाग निकला। शोर मचाने पर मोहल्ले के लोग व ग्राम प्रधान बिंदा प्रसाद आ गए। मामले की विवेचना कर रहे थाना प्रभारी प्रकाश सिंह ने हत्या करने के आरोप में 20 अप्रैल 2014 को पूर्व प्रधान बिंदा प्रसाद को गिरफ्तार कर तमंचा व दो कारतूस बरामद किए। विवेचना के दौरान प्रकाश में आए रामबाबू को भी गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों के विरुद्ध आरोप न्यायालय में पुलिस ने आरेा पपत्र पेश किया। न्यायालय में मामले की सुनवाई करते समय 24 जुलाई 2014 को आरोप बनाया। मामले की सुनवाई के दोरान अभियाजन की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने पूर्व प्रधान बिंदा प्रसाद व रामबाबू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर एक-एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।