बांदा जिले के सर्वोदय नगर में एक पिता ने अपनी ही 12 वर्षीय नाबालिग पुत्री पर चाकू से जानलेवा हमला किया। इस जघन्य अपराध के लिए अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, चंद्रपाल द्वितीय की अदालत ने शनिवार को दोषी पिता सुनील धुरिया को 10 वर्ष का कठोर कारावास सुनाया है। अदालत ने उस पर पांच रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जिसकी अदायगी न करने पर उसे छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
यह मामला 1 सितंबर 2023 की भोर लगभग 4:30 बजे का है जब सुनील धुरिया ने अपनी 12 वर्षीय पुत्री प्रियांशी पर चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। 11 वर्षीय पुत्र प्रियांशू अपनी बहन को बचाने दौड़ा तो सुनील ने उसे भी जान से मारने की धमकी दी थी। घबराए हुए प्रियांशू के चिल्लाने पर आस-पड़ोस के लोग और मकान मालिक जाग गए थे।
उन्होंने दरवाजा खुलवाकर घायल प्रियांशी को सदर अस्पताल, बांदा में भर्ती कराया था। कोतवाली नगर में तैनात तत्कालीन उप निरीक्षक दानबहादुर पाल ने 2 सितंबर 2023 को इस घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सूचना मिलने पर उप निरीक्षक दानबहादुर पाल और आरक्षी अमित कुमार जिला अस्पताल पहुंचे थे। वहां उन्हें घटना की विस्तृत जानकारी मिली थी। विवेचना के बाद दो नवंबर 2023 को सुनील के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया था।