आईजीआरएस शिकायत की जांच करने गांव बरेहंडा गई विद्युत निगम की टीम ने शिकायतकर्ता और उसके परिजन पर बंधक बनाकर मारपीट करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि एलपीजी सिलिंडर खोलकर उन्हें जिंदा जलाने का भी प्रयास किया गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और टीम को मुक्त कराया। मामले में चार आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है।
बुधवार दोपहर करीब तीन बजे उच्च अधिकारियों के निर्देश पर शिकायतकर्ता राजेश कुशवाहा की आईजीआरएस शिकायत के निस्तारण के लिए अवर अभियंता अतर्रा अजय कनौजिया के नेतृत्व में अवर अभियंता बिसंडा संजय गुप्ता, अवर अभियंता बदौसा विजय बहादुर तथा लाइनमैन तनवीर और नारायण सिंह गांव बरेहंडा पहुंचे थे। टीम शिकायत की जांच कर रही थी, तभी आरोप है कि राजेश कुशवाहा ने अपने भाई राजेंद्र व अमित और अपने पुत्रों विवेक व मनीषके साथ मिलकर कर्मचारियों से अभद्रता शुरू कर दी।
कर्मचारियों का आरोप है कि आरोपियों ने घर का मुख्य दरवाजा बंद कर टीम को कमरे में बंधक बना लिया और मारपीट की। अवर अभियंता विजय बहादुर ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने एलपीजी सिलिंडर खोलकर पूरी टीम को जिंदा जलाने का प्रयास भी किया। इसी दौरान एक कर्मचारी ने मोबाइल से उपखंड अधिकारी (एसडीओ) को घटना की सूचना दी। एसडीओ ने तत्काल एसडीएम को अवगत कराया।
सूचना पर कोतवाली प्रभारी राकेश तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बंद मुख्य फाटक खुलवाकर सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। कोतवाली प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि घायलों का चिकित्सीय परीक्षण कराया जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
तीन आरोपियों को हिरासत में लेने की रही चर्चा
घटना के बाद तीन लोगों को हिरासत में लेने की चर्चा रही, हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की। वहीं गांव में भी घटना के बाद सन्नाटा पसरा रहा। विद्युत निगम के कर्मचारी भी इस घटना के बाद सहमे हैं।