तलाब से निकाल कर युवक को ले जाया गया था सीएचसी
- फोटो : amar ujala
बांदा के नरैनी में तालाब में डूब रहे छोटे भाई की जान बचाने में बड़े भाई ने अपनी जान गवां दी। छोटा भाई अपनी आंखों के सामने बड़े भाई को पानी में डूबते देखता रहा लेकिन कुछ नहीं कर पाया। जीवित होने की उम्मीद में परिजन और ग्रामीण मिलकर अस्पताल ले गए जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
करतल के मजरा बाबूपुर गांव निवासी गंगाराम उम्र 14 वर्ष अपने बड़े भाई भोला उम्र लगभग 19 वर्ष पुत्र गण राममिलन के साथ गांव के बाहर बने जूनियर विद्यालय की तरफ घूमने आया था। यहां पास में बने तालाब के भीटा में दोनो बैठ गए। यह तालाब गांव के ही संजय पुत्र श्री राम ने खेत तालाब योजना के तहत अपने खेत में बीते वर्षों में बनवाया था।
दोपहर में लगभग 1:30 बजे छोटे भाई गंगाराम का अचानक पैर फिसल गया जिससे असंतुलित होकर तालाब में गिर गया छोटे भाई को पानी में डूबता देख बगैर देरी किये बड़ा भाई भोला भी अपनी जान परवाह किए बगैर तालाब में कूद गया और डूब रहे छोटे भाई का हाथ पकड़ कर उसे किनारे की ओर ले आया।
लेकिन शायद भोला को नहीं मालूम था कि तालाब में पानी के नीचे काफी गहराई तक मिट्टी का दलदल तैयार हो गया है और भोला उसी दलदल के कारण पानी में तैर नहीं पाया और दलदल में समा गया। कुछ फुट की दूरी पर अपनी सांसों को नियंत्रित करने में लगा छोटे भाई गंगाराम ने बड़े भाई को डूबते हुए देखता रहा था लेकिन तैरना ना आने के कारण कुछ नहीं कर सका।
कुछ देर बाद गंगाराम तालाब के भीटा में चढ़ आया और जोर जोर से आवाज लगाकर लोगों को अपने पास बुलाया। पूरी बात जानने के बाद कई युवक पानी में कूद गए और गहरे पानी और दलदल में समा गए भोला को लगभग आधे घंटे बाद खोज कर बाहर निकाल लिया। इसी दौरान ग्रामीणों द्वारा फोन कर देने से सरकारी एंबुलेंस भी मौके पर पहुंच गई जिसमें लाद कर बेहोश भोला को सीएचसी नरैनी ले आए यहां चिकित्सा अधीक्षक डॉ बीएस राजपूत में इसे देखते ही मृत घोषित कर दिया।