बांदा जिले में नशे की लती किशोरी ने घर के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। सुसाइड से पहले उसने अपनी मां और भाई को एक कमरे में बंद किया था। पुलिस ने पड़ोसी के घर से किशोरी के घर में प्रवेश कर शव को कब्जे में लिया। फिलहाल परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने के इन्कार कर दिया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के कांशीराम काॅलोनी हरदौली निवासी काजल (15) ने रविवार की शाम अपने घर में साड़ी से पंखे के हुक में फंदा लगाकर जान दे दी। घटना से पहले काजल का अपनी मां और भाई से नशे को लेकर ही विवाद हुआ। इस पर काजल ने दोनों को घसीटकर दूसरे कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद दूसरे कमरे में जाकर फंदा लगा लिया। परिजनों ने किसी तरह पड़ोसियों को और फिर पड़ोसियों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस पड़ोसियों के मकान के रास्ते से ही काजल के घर में दाखिल हुई और मां- भाई को कमरे से निकालने के बाद शव को कब्जे में लिया। मां गुड़िया ने बताया कि पति हरिश्चंद्र की पांच साल पहले मौत हो चुकी है।
दूसरों के घरों में चौका बर्तन करते बच्चों का पेट पाल रही है। मां ने बताया कि बेटी गलत संगत में पड़कर नशे (ड्रग) की आदी हो गई थी। कई बार मना करने के बाद भी उसकी नशे की लत थी कि छूटने का नाम नहीं ले रही है। शहर कोतवाल अनूप दुबे ने बताया कि परिजन घटना का कारण नहीं बता सके हैं।
बड़ी बहन भी शराब की लती थी
परिजनों ने बताया कि काजल की बड़ी बहन लच्छो भी नशे की लती हो गई थी। उसे शराब की लत गई थी। इस कदर लती हो गई थी, उसका लीवर तक खराब हो गया। इसके चलते साल भर पहले लच्छो की भी मौत हो गई थी। चर्चा है कि मां गुड़िया भी शराब की लती है।
दोनों बहनों ने छोड़ दी थी पढ़ाई
इलाकाई लोगों की मानें तो लच्छो और काजल दोनों ने काफी समय पहले ही पढ़ाई छोड़ दी थी। कॉलोनी के आवारा लड़कों के साथ भी वे अक्सर देखी जाती थी। हो सकता है कि नशे की लत दोनों को वहीं से लगी हो। बता दें कि कांशीराम कॉलोनी नशेबाजों का गढ़ सा है। जहां शराब से लेकर ड्रग्स सभी तरह का नशा आसानी से उपलब्ध हो जाता है।