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बांदा में दर्दनाक हादसा: दिव्यांग बाइक सवार चचेरे भाइयों को कार ने मारी टक्कर, दोनों की मौत

Fri, 16 Oct 2026 05:06 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा

सार

हादसा गिरवां थाना क्षेत्र के गांव खुरहंड के पास हुआ। हादसे में कार भी क्षतिग्रस्त हुई। एयर बैग खुलने से कार चालक बचा। 
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मृतकों की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नवरात्र पर चित्रकूट दर्शन के लिए निकले दिव्यांग बाइक सवार दो चचेरे भाइयों को सामने से आई कार ने टक्कर मार दी। हादसे में दोनों गंभीर घायल हो गए। पुलिस ने दोनों को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। दोनों महोबा जिले के रहने वाले थे। पुलिस ने मोबाइल नंबर से दोनों के परिजन को सूचना दी है।हादसे में कार भी क्षतिग्रस्त हो गई। एयर बैग खुल जाने से चालक की जान बच गई। पुलिस ने कार को कब्जे में लिया है।
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महोबा जिले के कबरई थाना क्षेत्र के राजीव नगर निवासी रामबाबू ने बताया कि उनका चचेरा भाई रामप्रकाश (35) अपने पारिवारिक चचेरे भाई गांधीनगर निवासी दिव्यांग बाबू (40) के साथ बाबू की दिव्यांग बाइक से नवरात्र में चित्रकूट दर्शन करने के लिए बृहस्पतिवार की देर शाम करीब सात बजे निकले थे। बांदा के गिरवां थाना क्षेत्र के खुरहंड गांव के पास सामने से आई कार ने दोनों को टक्कर मार दी।

हादसे को अंजाम देकर कार सवार माैके से भाग निकले। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। वहां देर रात डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने उनके पास से मिले मोबाइल से उनके परिजन को सूचना दी। सूचना पर परिजन भी मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। गिरवां थाना इंस्पेक्टर सुरेश सैनी ने बताया कि हादसे में कार भी क्षतिग्रस्त हुई है। बाइक सवार दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। कार चालक भाग निकलने में सफल रहे हैं, उनकी तलाश की जा रही है।
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प्रत्येक वर्ष नवरात्र में चित्रकूट दर्शन करने के लिए जाते थे, घर में मचा कोहराम
महोबा जिले के कबरई थाना क्षेत्र के राजीव नगर निवासी रामबाबू ने बताया कि रामप्रकाश मजदूरी करते थे। वह प्रत्येक वर्ष नवरात्र में चित्रकूट दर्शन के लिए जाते थे। उनके एक पुत्र एक पुत्री हैं। वह चार भाइयों के दूसरे नंबर के हैं। उधर, बाबू एक पैर से दिव्यांग थे। वह दुकान में बैठकर सिलाई का काम करते थे। पांच भाइयों में बड़े अविवाहित थे। घर में मां कल्ली हैं। पिता गौरी शंकर किसानी करते हैं। उनके चार बीघा जमीन है। एक साथ दो मौतों से उनके घर में कोहराम मचा है।

कार के एयर बैग नहीं खुलते तो कार चालक की भी जाती जान
हादसे में पुलिस की माने तो कार के एयर बैग नहीं खुलते कार चालक भी जान चली जाती। पुलिस के अनुसार हादसा ओवरटेक करने को लेकर हुआ। दिव्यांग बाइक सवारों ने गाड़ी को पीछे से आई गाड़ी को ओवरटेक किया, जिससे सामने से आई कार से साइड से टक्कर लग गई, और दोनों बाइक सवारों की मौत हो गई।
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