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बांदा भाजपा विधायक प्रकरणः बड़ों ने साधी चुप्पी, चंदेल-पटेल उतरे समर्थन में, विपक्षी दलों को घेरा

Fri, 12 Oct 2018 07:19 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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हमीरपुर विधायक अशोक सिंह चंदेल, विधायक बृजेश कुमार प्रजापति - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के बांदा जिले में भाजपा विधायक बृजेश कुमार प्रजापति पर उपद्रव, बलवा, सरकारी काम में बाधा और बंधक बनाने जैसी संगीन धाराओं में जिला खनिज अधिकारी शैलेंद्र सिंह द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मामले में भाजपा के सभी बड़े नेता और जनप्रतिनिधि खामोश हैं। उन्होंने खुलकर कोई भी प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की है। वहीं हमीरपुर सदर सीट से भाजपा विधायक अशोक चंदेल खुलकर बृजेश प्रजापति के समर्थन में उतर आए हैं। भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह पटेल और पिछड़ा मोर्चा जिलाध्यक्ष कल्लू सिंह राजपूत ने विधायक और उनके साथ नामजद उनके प्रतिनिधि की वकालत की है।
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खनिज अधिकारी द्वारा विधायक पर 25 लाख रुपये प्रति खदान की हिस्सेदारी की मांग और सर्किट हाउस में बंधक बनाकर पीटने की दर्ज कराई रिपोर्ट का मामला तूल पकड़ गया है। अब यह मामला पूरे प्रदेश और देश तक पहुंच गया है। सपा और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने इसे मुद्दे को लेकर भाजपा को घेरा है। दूसरी तरफ अपने विधायक की हो रही इस किरकिरी पर यहां का भाजपा नेतृत्व और अन्य जनप्रतिनिधि खामोश हैं। इन्होंने किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं व्यक्त की है। इसे लेकर यह भी चर्चा है कि भाजपा नेता और जनप्रतिनिधि विधायक की वकालत में खुलकर सामने नहीं आना चाहते।

पूर्व जिलाध्यक्ष और मौजूदा में पिछड़ा वर्ग मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह पटेल और मोर्चा के जिलाध्यक्ष कल्लू सिंह राजपूत की अगुवाई में लगभग 12 लोगों ने गुरुवार को डीएम को उनके आवास पर ज्ञापन दिया। इसमें कहा कि विधायक और उनके प्रतिनिधि तथा पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिला उपाध्यक्ष नीरज पटेल पर खनिज अधिकारी द्वारा दर्ज कराई रिपोर्ट झूठी है। घटना का जो समय बताया गया है नीरज उस समय अपने घर में थे। भाजपा नेताओं ने मांग की कि इस झूठे मुकदमे को स्पंज किया जाए। ज्ञापन देने गए जत्थे में पिछड़ा वर्ग मोर्चा के रामनारायण चौरसिया, संजीव प्रजापति, अरुण पटेल, दुर्गा प्रसाद, रामकेश निषाद, रामहित निषाद, अवधेश कुमार, राकेश कुमार, योगेंद्र कुमार भी शामिल रहे।
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पूर्व विधायक दलजीत सिंह ने कहा - जनप्रतिनिधियों को अपना आपा और आचरण नहीं खोना चाहिए

हमीरपुर विधायक अशोक सिंह चंदेल, विधायक बृजेश कुमार प्रजापति
विधायक और खनिज अधिकारी प्रकरण को लेकर राजनीतिक दलों ने भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री विवेक कुमार सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार में उसके ही विधायक और नेता बेलगाम हो गए हैं। कहा कि तिंदवारी के भाजपा विधायक पूर्व में भी अपने कार्यों और बयानों से विवादित रहे हैं।

पूर्व विधायक दलजीत सिंह ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपना आपा और आचरण नहीं खोना चाहिए। अगर कोई अधिकारी या अन्य बदसलूकी या भ्रष्टाचार आदि कर रहा है तो कानूनी तौर से उसके विरुद्ध सरकार को लिखित शिकायत करना चाहिए। उधर, सपा ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर कहा कि पूरे प्रदेश में भाजपा कार्यकर्ता बेलगाम हैं। भाजपा विधायक ने खनिज अधिकारी द्वारा गलत काम न करने पर लात घूंसों से पीटा है। सपा ने मांग की कि इस मामले में राज्यपाल प्रदेश सरकार को कार्रवाई के निर्देश दें।

 
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थोपे जा रहे गनर स्वीकार नहीं करेंगे

विधायक बृजेश कुमार प्रजापति - फोटो : अमर उजाला
तिंदवारी विधायक बृजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि उनके तीनों सुरक्षा पुलिस कर्मी बदले जा रहे हैं। वे इसे स्वीकार नहीं करेंगे। नए सुरक्षा कर्मियों को उन्होंने लेने से इनकार कर दिया है। कहा कि साधारण आदमी की तहरीर पर पुलिस जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज करती है। उनके मामले में फौरन रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। बृहस्पतिवार को बांदा कार्यालय में मीडिया से बातचीत में कहा कि खनिज माफिया और जिला प्रशासन की मिलीभगत से खनिज अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने उनके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। अब इसे सच साबित करने को बिना उनकी सहमति तीनों सरकारी गनर पुलिस लाइन बुलाकर उनके स्थान पर दूसरे गनर भेजे जा रहे हैं, जिससे पुराने तीनों गनर से मनमर्जी बयान दर्ज कराए जा सकें।

कहा कि उन पर थोपे जा रहे गनर स्वीकार नहीं करेंगे। उन्हें वापस करेंगे। कहा कि उन्हें आतंकवादियों से धमकी मिल चुकी है। इसकी लखनऊ हजरतगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज है। उनके या परिवार के किसी सदस्य के नाम कोई शस्त्र लाइसेंस नहीं है। आरोप लगाया कि खनिज अधिकारी द्वारा दर्ज कराई रिपोर्ट पूरी तरह झूठी है। कहा कि खनिज अधिकारी ने ई-रिक्शा चालकों के साथ मारपीट की और दिनभर चौकियों में बंद कराए रखा। अब ई-रिक्शा चालकों ने जो तहरीर दी है उस पर भी खनिज अधिकारी की रिपोर्ट दर्ज हो। उधर, गनर बदले जाने की बात पर एएसपी एलबीके पाल का कहना है कि फिलहाल गनर बदले जाने का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।


 
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