दो माह से प्रशासन दे रहा है चेतावनी
अब सड़क पर लगे पोल को किनारे शिफ्ट किया जाना है। सड़क के दोनों तरफ लोगों ने दो या तीन मंजिला मकान बना लिए गए हैं। करीब दो माह से अतिक्रमण को लेकर प्रशासन की ओर से चेतावनी दी जा रही है। इसके बावजूद अतिक्रमण कर बनाए गए मकानों से लोगों का मोह नहीं जा रहा है। हालांकि कई लोगों ने अपने छज्जे आदि तोड़ लिए हैं।
तीन दिन का दिया गया था मौका
इसके बावजूद कई मकानों में अंदर दो से तीन मीटर तक अतिक्रमण चिह्नित किया गया है। प्रशासन ने रविवार के दिन पांच जेसीबी लेकर अतिक्रमण हटवाया था। कुछ लोगों के मिन्नत करने पर तीन दिन का मौका दिया गया था। पिछले तीन दिनों से लोगों के घरों में दिन रात हथौड़े व छेनियां चटक रही हैं। बुधवार को सुबह सात बजे से ही एडीएम राजेश कुमार अपनी पूरी टीम व पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
जबरन बाहर निकालकर चलाई पोकलैंड मशीन
स्वराज कॉलोनी गली तीन से अतिक्रमण हटवाने का अभियान शुरू किया। इस बीच पोकलैंड के जरिए कई तिमंजिला व दो मंजिला मकान ध्वस्त कर दिए गए। मकानों के अंदर घुसे लोगों को अधिकारी बाहर हटने की चेतावनी देते रहे, लेकिन कई लोग निकलने को तैयार नहीं हुए। उन्हें जबरन बाहर निकालकर पोकलैंड मशीन चलाई गई। इस बीच दोनों तरफ से सड़क को सील कर दिया गया था।
बिजली गुल, गर्मी में बेहाल रहे लोग
अतिक्रमण हटवाने के लिए प्रशासन ने सिविल लाइन और स्वराज कालोनी, जेल रोड आदि की बिजली कटवा दी। भीषण गर्मी के बीच लोग घरों में घुसे रहे। इस इलाके की पूरे दिन बिजली नहीं आई। उधर, पोकलैंड मशीन से मकान ध्वस्त करते समय बिजली के दो पोल भी उखड़ गए। बिजली विभाग पोल बदलेगा तब कहीं यहां की आपूर्ति शुरू हो सकेगी।
हर तरफ नजर आया मलबा ही मलबा
जेल रोड में पुलिस लाइन तिराहा से क्योटरा पेट्रोलपंप तक दो किलोमीटर दायरे में मलबा ही मलबा नजर आया। लोग खुद से मकान तोड़ रहे हैं और मलबा सड़क पर गिरा रहे हैं। इस मार्ग पर सिर्फ घन, हथौ व छेनियों की गूंज सुनाई दे रही है।
अतिक्रमण हटवाने के लिए लोगों को लगातार चेतावनी दी जा रही है। इसके बावजूद कई लोगों ने अतिक्रमण खुद से नहीं हटवाया है। अब प्रशासन को मजबूरी में पोकलैंड व जेसीबी लेकर अतिक्रमण हटवाना पड़ रहा है। इसका जो भी हर्जा-खर्चा होगा, वह अतिक्रमणकारियों को ही भुगतना पड़ेगा। -राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी, बांदा