बांदा में चार वर्ष की बालिका के साथ दुष्कर्म में 70 वर्ष के पुजारी को अदालत ने 7 वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। जुर्माना न देने पर दो माह और जेल में बिताना होंगे। शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले में 22 अगस्त 2015 को चार वर्षीय बालिका घर के दरवाजे पर खेल रही थी।
तभी साधू वेशधारी पुजारी उसे टॉफी देने के बहाने अपने घर ले गया और दुष्कर्म किया। बालिका घर आई और मां को घटना बताई। उधर आरोपी पुजारी फरार हो गया। बालिका के पिता ने अगले दिन शहर कोतवाली में पुजारी अमृतानंद अरजरिया उर्फ बाबा पुत्र लक्ष्मी नारायण के विरुद्ध धारा 376, 511 और पॉक्सो एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने पहली अक्तूबर 2015 को जेल भेज दिया। तफ्तीश के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता रामसुफल सिंह ने 6 गवाह पेश किए। बुधवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने आरोपी पुजारी को सजा सुनाई। वह जमानत पर बाहर था। उसे जेल भेज दिया गया। पीड़िता की मदद के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिया।