बचाव पक्ष के तर्कों का अभियोजन ने विरोध किया
उन्होंने तर्क दिया कि मामले में आरोपी सिपाही प्रशांत पांडेय घटना के दौरान पुलिस टीम में नहीं था। जीडी में आरोपित की रवानगी भी दर्ज नहीं है। बचाव पक्ष के तर्कों का अभियोजन ने विरोध किया। वादी पक्ष से अधिवक्ता जितेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि बलवा की धारा बढ़ाने को प्रार्थनापत्र दिया गया था, जिस पर न्यायालय में विस्तृत बहस हुई।
अदालत ने सभी आरोपियों पर आरोप तय किए
उन्होंने तर्क दिया कि मैथा चौकी इंचार्ज ज्ञान प्रकाश पांडेय की उपस्थिति अन्य अभियुक्तों के साथ रही है और ऐसे कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं, जिससे उन्मोचित किया जाए। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने सभी आरोपियों पर गैर इरादतन हत्या, साक्ष्य छुपाने सहित अन्य धाराओं में आरोप तय किए। अब अदालत ने मामले की सुनवाई को तीन जनवरी की तिथि नियत की है।
एसओजी प्रभारी के चालक ने अधिवक्ता नियुक्त का दिया प्रार्थना पत्र
बलवंत हत्याकांड मामले में आरोपी एसओजी प्रभारी प्रशांत गौतम के चालक सोनू यादव ने आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए निशुल्क अधिवक्ता नियुक्त किए जाने का प्रार्थना पत्र अदालत में दिया था। इस पर अदालत के आदेश पर विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से चीफ डिफेंस काउंसिल संजय शुक्ला को आरोपी के मुकदमे की पैरवी के लिए नियुक्त किया गया है।