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बकाया भुगतान न होने से प्रधानों के हलक में अटकी जान

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छिबरामऊ(कन्नौज)। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर यानी आज रात को खत्म हो जाएगा। अधिकांश ग्राम पंचायतों में पंचायत घरों व सामुदायिक शौचालयों का भुगतान न हो पाने से प्रधानों की जान हलक में अटकी हुई है। प्रधान भुगतान के लिए रोज ब्लाक मुख्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। अभी तक भुगतान नहीं हो सका है। न ही कोई संतोषजनक जवाब मिला है।
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पंचायत भवन व सुलभ शौचालय निर्माण योजना प्रधानों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। विकास खंड की 43 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन और 92 गांवों में सुलभ शौचालयों का निर्माण कराया गया था। ज्यादातर का निर्माण पूरा हो चुका है। भुगतान नहीं हो पाया। जमामर्दपुर के प्रधान कमलेश यादव ने बताया कि पंचायत भवन की लागत 15 लाख रुपये, दो यूनिट वाले सुलभ शौचालय की लागत 3.50 लाख, चार यूनिट वाले शौचालय की 4.50 लाख और छह यूनिट वाले शौचालय की लागत 7.50 लाख रुपये है। ज्यादातर तैयार हो गए हैं। शासन के निर्देशों और अफसरों के दबाव के चलते प्रधानों ने निजी संसाधनों से लाखों रुपये खर्च कर सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य करवाया है। लगभग सभी गांवों में पंचायत भवन और सुलभ शौचालय तैयार हो चुके हैं। शासन से अभी तक आधी ही धनराशि खातों में भेजी गई। बाकी धनराशि लटकी हुई है।
प्रधान महेश कमल ने बताया कि प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर की मध्य रात्रि को समाप्त हो जाएगा। शासन से अभी कोई स्पष्ट गाइड लाइन नहीं भेजी गई है। अगर ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त होते हैं तो अब तक खर्च की गई धनराशि अटक जाएगी। इस संबंध में एडीओ पंचायत मृदुल दुबे ने बताया कि अभी शासनादेश नहीं मिला है। इससे स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
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