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आसमान में छाए रहे बादल, ठंड से बढ़ी ठिठुरन

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रसूलाबाद क्षेत्र के खेत में बारिश से भीगी धान की कटी फसल। - फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात/रसूलाबाद। शनिवार को आसमान में बादल छाये रहे। बीच-बीच में धूप भी निकली। माह का दूसरा शनिवार होने के कारण बैंक और सरकारी दफ्तर बंद रहे। माती मुख्यालय में भी सन्नाटा पसरा रहा।
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इस मौसम से अधिकांश किसानों का फायदा है। उप निदेशक कृषि विनोद कुमार यादव ने बताया कि इस वर्ष जिले में एक लाख 21 हजार 441 हेक्टेयर गेहूं की बुआई का लक्ष्य है। अधिकांश किसानों ने बुआई कर ली। कुछ किसान पलेवा देर से कर पाए हैं। उनके लिए यह बारिश नुकसानदेह है। उन्हें बुआई के लिए अब और इंतजार करना पड़ेगा। ऐसे किसान देर से बोई जाने वाली गेहूं की प्रजातियों की बुआई कर सकते हैं। ऐसे में उन्हें भी कोई नुकसान नहीं होगा। बारिश से गेहूं के साथ अन्य फसलों को भी फायदा है। उधर, मौसम में अभी एक सप्ताह तक कोई बदलाव की उम्मीद नहीं है। सीएसए के मौसम वैज्ञानिक के अनुसार बादल छाये रहने के साथ बारिश भी हो सकती है। मौसम में बदलाव न होने पर गलन बढ़ेगी।
मौसम में आए बदलाव के बाद पशु पालकों को मवेशियों की देखरेख में सावधानी बरतनी होगी। पशु चिकित्सक डॉ. वृदावंन राठौर ने बताया कि इस मौसम में पशुओं को ताजा पानी पिलाएं। हरा चारा कम करके चोकर व दाना की मात्रा बढ़ा दें। पौष्टिक आहार मिलने से मवेशियों के बीमार होने की आशंका कम हो जाएगी। मवेशियों को ठंड से बचाव के लिए रात में बंद स्थान पर रखें। ताकि उन्हें सर्द हवाएं न लगें। मवेशियों को सर्द हवाओं से बचाना जरूरी है।
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बहादुरपुर गांव के राजू शुक्ला ने कहा कि बारिश से किसानों को फायदा है। गेहूं की फसल की पहली सिंचाई करने की तैयारी कर रहे किसानों को राहत मिल गई है। अब अभी सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। केशव नगर रसूलाबाद के रामप्रसाद मिश्रा ने कहा कि बारिश होने से उन किसानों का नुकसान है जिनकी अभी गेहूं की बुआई नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि पिछड़ी प्रजाति की गेहूं की बुआई करनी पड़ेगी। इससे पैदावार पर असर पड़ेगा। डूडामहुवा गांव के किसान रामू दुबे ने कहा कि चना, धनियां की फसलों के लिए पानी फायदेमंद है। आजाद नगर रसूलाबाद के रामप्रसाद कुशवाहा ने बताया कि बारिश से किसानों की हजारों रुपये बच गए। फसलों की सिंचाई करने में किसानों को सौ रुपये प्रति घंटे के हिसाब से पानी लेना पड़ता है। बारिश होने से किसानों को काफी राहत मिल गई है।
रसूलाबाद में बेमौसम हुई बारिश से गेहूं की बुआई लेट हो गई। वहीं खेतों में कटी पड़ी धान की फसल गीली हो गई। वहीं लाही की फसल गिर गई है।
गुरुवार की रात व शुक्रवार को दिनभर क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। इससे मड़ाई के लिए सूखने को डाली धान की फसल पानी में भीग गई। धान की फसल खराब होने की संभावना अधिक है। वहीं अब मड़ाई लेट हो जाएगी। तेज हवाओं के झोंकों से लाही की फसल गिर गई है।
बहादुरपुर निवासी किसान राजू शुक्ला ने बताया कि बारिश होने से गेहूं की फसल बोने में विलंब हो रहा है। जो पलेवा किए खेत पड़े थे अब उनमें बरसात का पानी भर गया। केशव नगर निवासी रामप्रताप मिश्र ने बताया कि तेज हवा तथा बारिश के कारण लाही के पैदावार में फर्क पड़ेगा। डूडा महुआ निवासी रामू दुबे ने बताया आलू की फसल को जहां फायदा हुआ है। गेहूं की बुआई में देर हो जाएगी। आजाद नगर निवासी राम प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि बारिश से जहां फायदा वहीं नुकसान भी हुआ है। रसूलाबाद एसडीएम अंजू वर्मा ने बताया कि बारिश से फसल नुकसान का आंकलन करने के लिए क्षेत्र में लेखपालों को भेजा गया है। उनकी रिपोर्ट के अनुसार डीएम को आख्या भेजी जाएगी।
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