नई दिल्ली से कानपुर की तरफ आ रही विक्रमशिला एक्सप्रेस में शुक्रवार रात महिला यात्री को प्रसव पीड़ा हुई। बोगी की अन्य महिलाओं ने उसका प्रसव कराया। इनमें एक दाई भी थी। महिला ने बेटे को जन्म दिया जिसका नाम विक्रम रखा गया है।
उसकी मदद के लिए आगे आए ट्रेन के टीटीई ने टूंडला के पास बिना स्टाप के एक घंटे ट्रेन रोके रखी। साथ ही यात्रियों से चंदाकर छह हजार रुपये एकत्र कर महिला को दिए। जच्चा-बच्चा की जान बचाने पर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने शनिवार को सेंट्रल स्टेशन पर टीटीई सुरेश कोरी को पांच हजार रुपये और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सुरेश कानपुर सेंट्रल स्टेशन स्टाफ के टीटीई हैं।
ट्रेन के स्लीपर कोच एस-8 की 24 नंबर बर्थ पर बिहार के भागलपुर की गर्भवती महिला शीलू देवी सफर कर रही थीं। अलीगढ़ के पहले अचानक उन्हें प्रसव पीड़ा हुई लेकिन स्टेशन तक पहुंचने पर डॉक्टर का इंतजाम नहीं हो सका और ट्रेन आगे बढ़ गई।