कानपुर। धनतेरस का पर्व शनिवार को मनाया जाएगा। इस दिन ऑटोमोबाइल बाजार टॉप गियर में दौड़ने के लिए तैयार है। देसी-विदेशी और महंगी कारों की बहुत अच्छी बुकिंग हो रही है। चार पहिया वाहन शोरूम में 300 से ज्यादा कारों की बुकिंग हो चुकी है जबकि दो पहिया वाहन के एक शोरूम में 800-900 वाहनों की डिलीवरी का अनुमान है। हालांकि इस बार इलेक्टि्रक वाहनों (इ-वी) की बिक्री पर असर दिख सकता है। दरअसल मंगलवार से रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क लगने की व्यवस्था से बुकिंग पर असर पड़ा है। इस व्यवस्था से पहले इलेक्टि्रक वाहनों की शहर में 25 प्रतिशत बिक्री थी।
शारदीय नवरात्र पर ऑटोमोबाइल बाजार को 500 करोड़ से ज्यादा का कारोबार मिला था। 4000 हजार के करीब कारें और 8000 स्कूटी, बाइक, बुलेट और ई-वी स्कूटी, बाइकों की बिक्री हुई थी। शहर में दो पहिया के छोटे-बड़े 200 से ज्यादा और चार पहिया वाहनों के 40 से ज्यादा शोरूम हैं। धनतेरस पर महंगी और लग्जरी कारों के साथ ही ब्ल्यू ट्रूथ, जीपीएस फीचर वाली स्पोर्ट्स और पावर बाइकों की अच्छी मांग है। 12-25 लाख वाली एसयूवी सबसे ज्यादा ग्राहकों की पसंद बनी है। विदेशी इलेक्टि्रक कारों की भी मांग देखने को मिल रही है।
वहीं दो पहिया वाहन में 125 सीसी के अलावा हर सेगमेंट की गाड़ियां बुक हो रही हैं। शहर में ईवी दो पहिया के भी 20 से ज्यादा शोरूम खुल चुके हैं। ईवी स्कूटी-बाइक वाहन दो तरह के होते हैं। ज्यादा स्पीड वाले वाहन के लिए पंजीकरण जरूरी होता है जबकि कम स्पीड बाइक या स्कूटी के लिए आरटीओ पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होती हैं। नई व्यवस्था से हाईस्पीड ई-वी वाहनों के दाम में 10-15 प्रतिशत की तेजी आ सकती है। अगले दो-तीन दिन में बाजार का रूख भी साफ हो जाएगा। जीएसटी में छूट से पेट्रोल और डीजल वाहनों की मांग बढ़ सकती है। जानकारों ने बताया कि ई-वी पंजीकरण और रोड टैक्स से छूट के लिए ग्राहक शोरूम आए लेकिन पोर्टल के न चलने से पंजीकरण नहीं हो सका।
धनतेरस और दिवाली के लिए ग्राहकों में खासा उत्साह है। जीएसटी की दरों में की गई कमी का बाजार पर जबरदस्त असर है। ग्राहकाें की ओर से बहुत अच्छी बुकिंग की जा रही है। अच्छा कारोबार होने का अनुमान है। -संदीप कुमार कनौजिया, जनरल मैनेजर सेल्स, सोसाइटी मोटर्स।
इलेक्टि्रक बाइकों-स्कूटी की मांग अभी भी अच्छी है। शोरूम में धनतेरस के लिए 12 बाइक-स्कूटी बुक हो चुकी हैं। 22 ग्राहक से ज्यादा पूछताछ करके टोकन मनी दे चुके हैं। नई व्यवस्था का असर बहुत अधिक पड़ने का अनुमान नहीं है। - प्रवीण चतुर्वेदी, निदेशक श्री बालाजी ई-ऑटोटेक