कानपुर। चौराहों पर ऑटो में सवारियां बैठाने के लिए चालक अभद्रता कर रहे हैं। वह महिलाओं को घेर लेते हैं। उनके कान के पास जाकर चिल्लाते हैं। इसके साथ ही ऑटो, टैक्सी में बैठाने के बहाने छूने की कोशिश करते हैं।
कई महिलाएं विरोध करती हैं तो कई सहम कर पीछे हट जातीं। नवरात्र में मंदिरों के पास चौराहों व ऑटो स्टैंड पर सबसे ज्यादा अराजकता नजर आई। अमर उजाला की ओर से बारादेवी, बर्रा, नौबस्ता, रावतपुर, बड़ा चौराहा की लाइव पड़ताल की गई तो स्थिति सामने आई।
दोपहर 12 बजे : गीतानगर क्रॉसिंग से लेकर रावतपुर स्टेशन तक महिला सवारियों को बैठाते समय ऑटो चालकों का बेहद अभद्र रवैया नजर आया। छात्राओं को ऑटो में बैठाने में छूने की कोशिश करते दिखे।
दोपहर 1: 10 बजे: बर्रा चौराहे पर ऑटो चालक झुंड बनाए खड़े थे और सवारियां आते ही उनको घेर लेते थे। चाहें वे महिलाएं हो या छोटी बच्चियां उनके रवैये में कहीं सम्मान नजर नहीं आया।
दोपहर 1:50 बजे : नौबस्ता चौराहे पर ऑटो चालक महिला सवारियों के करीब आने की कोशिश करते दिखे। ऐसे में एक महिला ने डांटा तो पीछे हट गए।
दोपहर 2:15 बजे : बारादेवी चौराहे पर महिलाएं मंदिर दर्शन करने जाती और आती नजर आईं। यहां ऑटो चालक कभी हाथ पकड़कर बैठाने की कोशिश करते तो कभी छूने की कोशिश करते नजर आए। कई महिलाएं तो ऑटो के पास से निकलते ही सहम सी गईं।
दोपहर 3 बजे : बड़ा चौराहा पर ऑटो चालकों का झुंड खड़ा नजर आया जो महिलाएं आती तो उन्हें घेर लेते। कुछ ऑटो चालक तो अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए भी नजर आए।
बातचीत
महिलाओं के साथ बात करना नहीं आता
चालकों का रोज का काम है। महिलाओं के साथ बात करना नहीं आता है। हम ही डांट देते हैं। ज्यादा घर परिवार में बताओ तो भी हमारे निकलने पर मुश्किल हो जाती है। आरुषी, बर्रा
अराजकता बढ़ती जा रही
ऑटो चालकों की अराजकता बढ़ती जा रही है। इस पर रोक लगनी चाहिए। हम तो बड़े हैं लेकिन जो छोटी-छोटी स्कूली बच्चियां हैं उनके लिए डर लगता है। - एकता मिश्रा, जूही
पुलिस के पास जाने से बचते
ऑटो चालकों की अराजकता पर लगाम लगनी चाहिए। यह राह चलते महिलाओं के साथ छेड़खानी जैसा है। लंबी प्रक्रिया से बचने के लिए लोग पुलिस के पास जाने से बचते हैं। - संगीता त्रिपाठी, निराला नगर
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