औरैया के फफूंद के गांव अजलापुर निवासी छात्र अजय की हत्या से गुस्साए ग्रामीणों ने मंगलवार सुबह फफूंद थाने पर धावा बोलकर जमकर हंगामा किया। इस दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस पर तमाम आरोप लगाते हुए खूब खरीखोटी सुनाई। लगभग डेढ़ घंटे तक हंगामा चला। पुलिस ने हत्यारोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को समझाबुझाकर शांत किया।
गांव अजलापुर निवासी घनश्याम बाथम का पुत्र अजय (16) 27 जनवरी को पड़ोस के गांव जाने के लिए घर से निकला था, तभी से वह लापता था। पुलिस अजय की खोजबीन में जुटी थी। इसी बीच रविवार को गांव केशमपुर खाम के पास सेंगुर नदी के बीहड़ में उसका शव मिला। परिजनों का आरोप है कि उसकी हत्या कर शव बीहड़ में फेंका गया है। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने गांव देवरपुर निवासी कपिल शुक्ल, उसकी पत्नी, भाई व पुत्री नंदनी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी।
थाने को घेरकर बैठे ग्रामीण
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट लगने की पुष्टि हुई है। इस मामले में पुलिस आरोपियों में शामिल मां व पुत्री को सोमवार को हिरासत में ले लिया था। कपिल शुक्ल व उसका भाई पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। मंगलवार को सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने फफूंद थाने पहुंचकर पुलिस पर मामले में शुरू से ही ढिलाई बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
पुलिस पर पैसा लेकर आरोपियों का बचाव करने का आरोप लगाते हुए खूब खरीखोटी सुनाई। भीड़ देखकर पुलिस के हाथ पांव फूल गए। पुलिस ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, तब आक्रोशित लोग शांत हुए और गांव लौट गए।अजय के भाई आकाश का कहना है कि 27 जनवरी को भाई के गायब होने के बाद काफी तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
30 जनवरी को उसने थाने में पुलिस को कपिल शुक्ल की पुत्री का 27 तारीख की रात 10:30 बजे भेजा गया मैसेज दिखाया। मैसेज में उसने पूछा था कि ‘तुम्हारा भाई कहां है।’ साथ ही पुलिस से कहा था कि इन्हीं लोगों ने उसके भाई को कहीं बंद कर रखा है।
जल्द कार्रवाई की जाए तो भाई मिल सकता है। इस पर वहां मौजूद दरोगा ने जवाब दिया कि बताए गए घर में अजय नहीं मिला तो उसे जेल भेज दिया जाएगा, जिससे वह डर गया। भाई का कहना है कि पुलिस उसी वक्त तेजी दिखाती तो आज उसका भाई जिंदा होता।