सीसीटीवी कैमरे में कैदी हुई थी घटना
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सदर एसडीएम के कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज वायरल होना एसडीएम को भारी पड़ गया। दफ्तर में लिफाफा जेब में रखते हुए वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए डीएम ने उन्हें हटाकर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट का चार्ज सौंप दिया। वहीं अतिरिक्त मजिस्ट्रेट अजय आनंद को सदर एसडीएम की कुर्सी सौंपी है। मामले की जांच एडीएम को सौंपी है।
सदर एसडीएम कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे की दो फुटेज मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुई। हालांकि वायरल फुटेज की संवाद न्यूज एजेंसी पुष्टि नहीं करती है। इस फुटेज में एक युवक एसडीएम राकेश कुमार के पास पहुंचता है। थोड़ी देर बातचीत के बाद युवक एसडीएम की कुर्सी के पास पहुंचकर एक लिफाफे जैसी सामग्री को उनकी रैक में रख देता है। वहीं दूसरी वायरल फुटेज में एसडीएम आते हैं और रैक से सामग्री को उठाकर जेब में रख लेते हैं।
यह पूरा घटनाक्रम चैंबर में लगे सीसीटीवी कैमरे में दर्ज हो जाता है। एकाएक यह फुटेज मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल की जाती है। चर्चा रही कि तहसील के कुछ कर्मचारियों ने ये फुटेज वायरल की है। उधर डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने इस फुटेज का संज्ञान लेते हुए एसडीएम राकेश को कलक्ट्रेट में संबद्ध कर दिया। वहीं अतिरिक्त मजिस्ट्रेट अजय आनंद को सदर एसडीएम का चार्ज दे दिया। एडीएम अविनाश कुमार ने बताया कि सदर तहसील के वायरल हुए वीडियो का संज्ञान लिया गया है। एसडीएम को हटा दिया गया है। डीएम के आदेश पर जांच शुरू की गई है।