बृहस्पतिवार को गौरी ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। परिजन गौरी के शव को लेकर गांव लौट रहे हैं। जबकि अनाया का उपचार चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर हाईटेंशन लाइन पर प्लास्टिक की रबड़ होती तो यह हादसा नहीं होता। ग्रामीणों के अनुसार कई स्थानों पर गांव में प्लास्टिक की लाइन पड़ी हुई है।
घटना की जानकारी विद्युत कर्मियों को भी दी गई थी लेकिन कोई भी कर्मी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा। प्रधान रामकिशोर तिवारी ने बताया कि कई बार विद्युत विभाग के एसडीओ, जेई को लिखित सूचना देकर हाईटेंशन लाइन हटवाने की मांग की जा चुकी है मगर आज तक लाइन को नहीं हटाया गया।
बच्चियों के हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने की जानकारी है। विभाग की ओर से जो भी मदद संभव होगी, वह मुहैया कराई जाएगी। साथ ही वहां पर संबंधित अधिकारी को भेजकर निरीक्षण कराते हुए जो भी संभव होगा प्रयास किया जाएगा। अपील की ऐसे स्थानों से बच्चों एवं स्वयं को दूर भी रखें जिससे कि कोई जनहानि न हो। - सुनील कुमार, अधीक्षण अभियंता विद्युत