सदर कोतवाली क्षेत्र में छह साल पहले एक नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में फैसला आया है। दो दोषियों बंटी और आरिफ को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम मनराज सिंह ने 20-20 साल का कठोर कारावास सुनाया है। कोर्ट ने दोनों दोषियों पर 25-25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
सदर कोतवाली में वादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि 31 जुलाई 2019 की रात लगभग नौ बजे उसकी 14 वर्षीय पुत्री शौचक्रिया के लिए खेत पर गई थी। वहां पहुंचे कखावतू कॉलोनी निवासी बंटी उर्फ दीपक, आरिफ व दो अज्ञात लोगों ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुत्री के चीखने पर पत्नी मौके पर पहुंचीं। पुत्री ने उन्हें घटना की जानकारी दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल की।
यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम मनराज सिंह की न्यायालय में चला। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने बंटी और आरिफ को दोषी करार दिया। दोनों दोषियों को न्यायालय ने 20-20 वर्ष का कठोर कारावास सुनाया। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपियों को एक-एक वर्ष अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। न्यायालय ने आरोपियों के जेल में बिताई गई अवधि को सजा में शामिल करने का भी आदेश दिया। साथ ही जमा की गई अर्थदंड की धनराशि से आधी धनराशि पीड़िता को चिकित्सा व पुनर्वास के लिए देने का भी आदेश दिया। दोष सिद्ध दोनों आरोपियों के जेल भेजा गया।