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Auraiya: योजनाओं के नाम पर ठगी करने वाले तीन अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरफ्तार

Thu, 13 Nov 2025 09:28 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया

सार

योजनाओं के नाम पर ठगी करने वाले तीन अंतरराज्यीय साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से दो लग्जरी कार, 9.21 लाख नकद, मोबाइल लैपटॉप के अलावा मुहरें और अभिलेख भी मिले हैं।
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पुलिस की गिरफ्त में तीनों साइबर ठग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले तीन अंतरराज्यीय साइबर ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके विरुद्ध देश के अलग-अलग क्षेत्रों से साइबर ठगी के 26 मामले में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज हुए थे। पुलिस ने आरोपियों के पास दो लग्जरी कार, लैपटॉप, मोबाइल के अलावा कई मुहरें और अभिलेख भी मिले हैं।
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पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने बताया कि उत्तर प्रदेश के वाराणसी और संभल के अलावा देश के विभिन्न राज्य पंजाब, बिहार आदि से एनसीआरपी पोर्टल पर साइबर ठगी की 26 शिकायतें दर्ज की गईं थीं। इन सभी में प्रधानमंत्री कुसुम योजना व प्रधानमंत्री जन औषधि योजना का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी की गई थी। जिले के कुछ लोगों को भी इन साइबर ठगों ने निशाना बनाया था। इसके बाद से ही बेला थाना पुलिस और साइबर थाने की टीम इन साइबर ठगों की तलाश में थी।

बुधवार रात को एसओजी के साथ साइबर थाना पुलिस और बेला थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई कर मुखबिर की सूचना पर तीन अंतरराज्यीय साइबर ठगों को गिरफ्तार कर लिया। अमृतपुर की तरफ से बंबा पटरी पर छहरी पुलिस के पास कार में बैठकर तीनों आरोपी साइबर ठगी की प्लानिंग कर रहे थे। पूछताछ में तीनों ने ठगी की बात स्वीकार की है। आरोपियों में औरैया के बेला थाना क्षेत्र के गांव अमृतपुर कैथावा निवासी शिवप्रताप उर्फ रवि और जितेंद्र सिंह उर्फ मिथुन सिंह के अलावा फिरोजाबाद के सिरसागंज थाना क्षेत्र के गांव रुरिया निवासी राहुल भी शामिल है। तीनों युवा हैं, उनकी उम्र 25 से 27 वर्ष के बीच है। उनके पास से पुलिस ने 9.21 लाख रुपये नकद के साथ ही दो लग्जरी कार भी बरामद की हैं। इसमें एक कार टाटा कर्व और दूसरी महिंद्रा एक्सूयवी 300 शामिल है। इसके अलावा एक लैपटॉप, तीन पेनड्राइव, छह मोबाइल फोन, चार फर्जी मुहरें, एक किसान यूनियन आईकार्ड, चार आधार कार्ड, दो ड्राइविंग लाइसेंस और चार डेबिट व क्रेडिट कार्ड भी पुलिस को आरोपियों के पास से मिले हैं।
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एसपी ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों का पता किया जा रहा है। गिरोह ने अब तक कितने की धनराशि की धोखाधड़ी की है, इसका भी पता किया जा रहा है। गिरफ्तार करने वालों में प्रभारी साइबर सेल विकास सिंह, प्रभारी सर्विलांस टीम समित चौधरी, प्रभारी स्वाट टीम प्रशांत सिंह, थानाध्यक्ष बेला गंगादास गौतम आदि शामिल रहे।

ऐसे करते थे ठगी
आरोपी अपने लैपटॉप व मोबाइल से फेसबुक पर प्रधानमंत्री कुसुम व जनऔषधि योजना का पेज बनाते थे। उस पर इन योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर अपने मोबाइल नंबर फेसबुक पेज पर बतौर हेल्पलाइन नंबर के रूप में डालते थे। इसके बाद योजनाओं के संबंध में आवेदनकर्ताओं से अपने व्हाट्सअप पर उनके दस्तावेज मंगा लेते थे। फिर ये तीनों आवेदन करने वालों को फर्जी मुहर लगाकर फर्जी स्वीकृति पत्र व बिल की पीडीएफ बनाकर आवेदन करने वालों को व्हाट्सअप के माध्यम से भेजकर उनसे योजना की में धनराशि अपने खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे।

दिल्ली से लेकर फिरोजाबाद तक दर्ज हैं मुकदमे
गिरफ्तार किए साइबर ठगों के खिलाफ दिल्ली से लेकर आगरा तक मुकदमे दर्ज हैं। शिवप्रताप उर्फ रवि के खिलाफ दिल्ली के संग विहार थाने के अलावा फिरोजाबाद के नगला खंगर और औरैया के एरवाकटरा में तीन मुकदमे दर्ज हैं। वहीं जितेंद्र उर्फ मिथुन पर आगरा और एरवाकटरा में दो मुकदमे और राहुल पर फिरोजाबाद के नगला खंगर और सिरसागंज थाने में दो मुकदमे दर्ज हैं।
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