तीसरे दिन बरामद किया था शव
मौके से भागे उसके साथी शिवा का घर के बाहर से अपहरण कर उसकी गोली मार कर हत्या कर दी गई। इसके बाद में शव धान के खेत में फेंक गए थे। उसका शव तीसरे दिन बरामद किया था। मृतक प्रशांत उर्फ शिवा की मां प्रतिमा देवी ने नौ नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया, जिसमें रजनेश रौकी, सुखानी, राहुल, जयकेश, सुखदेव, गौतम, बलवीर सुखानी का चचेरा भाई कुलदीप (फिरोजाबाद पुलिस कर्मी) के खिलाफ रिपोर्ट कराया था।
पुलिस के रोकने पर कर दी फायरिंग
कुलदीप का नाम भी सामने आया, जो आरोपियों को कानूनी और आर्थिक मदद पहुंचा रहा था। पुलिस ने उसकी कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक अलोक मिश्रा ने बताया कि घाटमपुर पुलिस के पास हुई घटना के बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। गुरुवार रात लगभग 1 बजें चेकिंग के दौरान फफूंद-छछूंद रोड पर अंधियारी पुलिया के पास रोकने प्रयास किया गया, लेकिन बाइक सवार बझेरा गांव की तरफ भागने लगी और पुलिस के रोकने पर उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी।
घायल बदमाश को सीएचसी अछल्दा भेजा
इससे पुलिस ने गाड़ी छीपकर आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें रजनेश के पैर में गोली लगी और वह मौके पर ही दबोच लिया गया। पुलिस ने उसके पास से एक अवैध 12 बोर का तमंचा, एक कारतूस व खोखा और बिना नंबर की डिस्कवर बाइक बरामद की है। अपर पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि गिरफ्तार बदमाश रजनेश पर हत्या, हत्या के प्रयास और लूट जैसे छह संगीन मुकदमे दर्ज हैं। वह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से फरार था। घायल बदमाश को सीएचसी अछल्दा भेजा गया, जहां उसकी हालत सामान्य बताई गई।