फफूंद-पाता रोड स्थित बढ़ुआ नाले की पुलिया के पास रविवार दोपहर बह रहे केमिकलयुक्त पानी में अचानक आग भड़क उठी। कुछ ही देर में आग नाले के किनारे झाड़ियों तक पहुंच गई। काले धुएं के गुबार और भीषण लपटें उठती देख आसपास के गांवों में अफरा-तफरी मच गई। नाले पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पुलिस और पाता प्लांट के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पाता प्लांट और औरैया से दमकल गाड़ियां बुलाई गईं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
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खानपुर और बनके पुरवा के बीच गेल पाता प्लांट की बाउंड्री के किनारे पानी निकासी के लिए नाला बना है। यह नाला बढ़ुआ गांव के पास दूसरे नाले में गिरता है। ग्रामीणों के मुताबिक, प्लांट का वेस्टेज पानी भी इसी नाले में जाता है। रविवार को इसी पानी में आग भड़कने के बाद झाड़ियों तक फैल गई।
खानपुर-फफूंद पंचायत के ग्राम प्रधान अशोक चक समेत भारत सिंह राजपूत, पवन चक्रवर्ती, सोनू यादव, इंदू सक्सेना, सौरभ चक्रवर्ती, ब्रजेश कुमार, पवन सक्सेना और नीलेश कुमार ने गेल प्रशासन पर नाले में केमिकलयुक्त पानी छोड़ने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने बताया कि तीन साल पहले भी खानपुर में नाले में आग लगी थी। तब प्लांट अधिकारियों ने भविष्य में केमिकलयुक्त पानी नहीं छोड़ने का आश्वासन दिया था।ग्रामीणों ने कहा कि केमिकलयुक्त पानी से मवेशियों और जलीय जीवों को नुकसान की आशंका है। बारिश के कारण इस समय खेतों में फसल गीली है। फसल कटाई के दौरान ऐसी आग लगती तो सूखी फसल तक पहुंचने पर बड़ा नुकसान हो सकता था।