किसान को परिजन के सुपुर्द करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
खाद न मिलने से परेशान किसान जान देने के लिए अछल्दा रेलवे स्टेशन की डाउन लाइन पर खड़ा हो गया। घटना गुरुवार दोपहर तीन बजे के आसपास की है। इस कारण दो ट्रेनों को कुछ देर के लिए रूट पर ही रोक दिया गया। किसान का आरोप है कि पर्ची होने के बाद भी उसे खाद नहीं दी गई जबकि पुलिस का कहना है कि किसान को टोकन मिल चुका था। इसके बाद उसने खाद के रुपयों से शराब पी ली थी। इस वजह से वह ट्रैक पर पहुंच गया था। फिलहाल किसान को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
बिधूना क्षेत्र के गांव गुरखुंदा निवासी किसान उपदेश कुमार को आरपीएफ ने स्टेशन से पहले आउटर से पकड़ा। बताया जा रहा है कि वह जान देने के इरादे से ट्रैक पर खड़ा था। तभी इटावा की ओर से आ रही ट्रेन के लोको पायलट की समय रहते उस पर नजर पड़गई। इसके बाद पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका और स्टेशन पर सूचना दी। पुलिस की पूछताछ के दौरान उपदेश ने बताया कि वह सरसों व आलू की बुआई को लेकर वह पिछले कुछ दिनों से खाद के लिए भटक रहा है। गुरुवार को वह गांव के नजदीक स्थित समिति पर पहुंचा था। उपदेश का आरोप है कि उसके पास पर्ची भी थी,लेकिन उसे खाद नहीं दी जा रही थी।
समिति के लोग अपने चहेतों को खाद दे रहे थे। वह प्राइवेट नौकरी भी करता है। उसे डर था कि बिना खाद लिए वह घर लौटेगा तो पत्नी डांटेगी।इस कारण ही वह जान देने का मन बनाकर ही रेलवे ट्रैक पर खड़ा था। उसकी ओर से लगाए जा रहे आरोप का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी इसकी पुष्टि नहीं करती है। इस संदर्भ में अछल्दा थानाध्यक्ष पंकज मिश्रा का कहना है कि किसान जब पकड़ा गया तो वह शराब के नशे में था। जानकारी करने पर मालूम चला कि उसे खाद का टोकन भी मिल गया था,लेकिन इसके बाद उसने उन रुपयों से शराब पी ली थी। बिना खाद के खाली हाथ घर जाने के डर से ही उपदेश ने जान देने का प्रयास किया था। घटना के चलते डाउन लाइन की दो ट्रेनें - 04160 इटावा-कानपुर सेंट्रल मेमू और 04098 नई दिल्ली-हसनपुर स्पेशल ट्रेन कुछ देर के लिए प्रभावित रहीं।
इटावा की ओर से आ रही ट्रेन के लोको पायलट की समय रहते नजर पड़ी तो इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका गया। जिससे हादसा टल गया। सूचना पर आरपीएफ कर्मी राकेश कुमार व अजय चौहान ने मौके पर पहुंचकर किसान को कब्जे में ले लिया। बाद में किसान को थाना पुलिस को सौंपा गया। जानकारी पर पहुंचे परिजन व पुलिस ने किसान को काफी देर तक समझाया। जिसके बाद किसान परिजनों के साथ घर चला गया।