विस्फोट के बाद दंगे सिलिंडर का पड़े अवशेष
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गांव नगला बनारस में शनिवार सुबह खाना पकाने के दौरान गैस रिसाव होने से सिलिंडर में आग लगने से धमाका हो गया। इससे चार झोपड़ियों में आग लग गई। आग बुझाने के दौरान एक महिला सहित तीन लोग व पांच मवेशी झुलस गए। ग्रामीणों ने दमकल के पहुंचने से पहले ही सबमर्सिबल की मदद से आग पर काबू पा लिया। घटना से झोपड़ियों में रखा सामान जल गया। धमाके व आग से झोपड़ियों के बीच में स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा भी क्षतिग्रस्त हो गई।
नगला बनारस निवासी सर्वेंद्र की पत्नी सीमा देवी शनिवार सुबह झोपड़ी में खाना पका रही थीं। तभी गैस रिसाव होने से सिलिंडर में आग लग गई। सीमा के चीखने पर पहुंचे परिजनों ने आग बुझाने का प्रयास किया मगर तबतक आग ने पूरी झोपड़ी को अपनी जद में ले लिया। उधर, सिलिंडर में धमाका होने से पास में स्थित रामपाल, धनीराम व अरविंद की झोपड़ी में भी आग लग गई। इससे झोपड़ी के पास बंधीं दो भैंसें व तीन बकरियां झुलस गईं।
ग्रामीणों ने आग बुझाने के प्रयास के साथ घटना की जानकारी दमकल व पुलिस को दी। हालांकि ग्रामीणों ने दमकल के पहुंचने से पहले सबमर्सिबल की मदद से आग पर काबू पा लिया। आग बुझाने में सर्वेंद्र, अरविंद व गंगावती झुलस गईं। पीड़ितों का कहना है कि आग से उनकी गृहस्थी का सामान, नकदी सहित सभी सामान जल गया है। थानाध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि खाना पकाने के दौरान गैस का रिसाव होने से आग लगी है। घटना की जानकारी तहसील प्रशासन को दी गई है। मामले में पीड़ितों की ओर से तहरीर नहीं मिली है।