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नुकसान का आकलन होने का इंतजार
कई स्थानों पर खेतों में पानी भरने से फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों को बारिश थमने के बाद नुकसान का आकलन होने का इंतजार है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जलनिकासी की समस्या को लेकर कई बार उपजिलाधिकारी बिधूना, बीडीओ सहार और ग्राम प्रधान से शिकायत की गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने जलनिकासी की व्यवस्था कराने और क्षतिग्रस्त मकानों व फसलों का सर्वे कराकर सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
फसलों पर भी बारिश की मार
लगातार बारिश से खेतों में पानी भरने के कारण खरीफ की फसलों पर नुकसान का खतरा बढ़ गया है। धान के खेतों में पानी भरने से पौधों के गिरने और फसल प्रभावित होने की स्थिति बन रही है। वहीं, बाजरा, तिल और सब्जियों की फसलें भी अधिक पानी से प्रभावित हो सकती हैं। निचले इलाकों में खेतों में जलभराव की स्थिति ज्यादा गंभीर है। किसानों का कहना है कि बारिश इसी तरह जारी रही तो फसलों को बड़ा नुकसान हो सकता है। प्रशासन की ओर से बारिश थमने के बाद फसलों के नुकसान का सर्वे कराने की उम्मीद है।