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औरैया: 24 घंटे से लगातार बारिश जारी, गांवों में जलभराव, मकान पर गिरा पेड़, खेती-किसानी भी प्रभावित, स्कूल बंद

Sat, 26 Sep 2026 11:48 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया

सार

Auraiya News: जिले के सहार ब्लॉक अंतर्गत नौगवा ग्राम पंचायत के मजरा पुरवा महिपाल में पिछले 24 घंटे से हो रही लगातार बारिश ने तबाही मचाई है। बारिश से गांव में भारी जलभराव हो गया है, जिससे रास्ते डूब गए हैं और कई कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
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बारिश के चलते गिरे हुए पेड़ और जलमग्न हुई फसल - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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औरैया जिले में पिछले 24 घंटे से हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन के साथ खेती-किसानी की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। सहार ब्लॉक क्षेत्र की नौगवा ग्राम पंचायत के मजरा पुरवा महिपाल में जगह-जगह जलभराव होने से रास्ते पानी में डूब गए हैं। घरों के आसपास पानी भरने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। बारिश के चलते जिले में शिक्षण संस्थानों के बंद रहने से भी सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।

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पुरवा महिपाल में बारिश के दौरान राजीव कुमार पुत्र रोशनलाल के कच्चे मकान पर बबूल का पेड़ गिर गया। इससे मकान क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं, चंद्रकांत शुक्ला के कच्चे मकान की छत भी बारिश के कारण गिर गई। ग्रामीणों के मुताबिक कुछ अन्य कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। लगातार बारिश से खेतों में खड़ी फसलों पर भी नुकसान का खतरा बढ़ गया है।

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नुकसान का आकलन होने का इंतजार

कई स्थानों पर खेतों में पानी भरने से फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों को बारिश थमने के बाद नुकसान का आकलन होने का इंतजार है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जलनिकासी की समस्या को लेकर कई बार उपजिलाधिकारी बिधूना, बीडीओ सहार और ग्राम प्रधान से शिकायत की गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने जलनिकासी की व्यवस्था कराने और क्षतिग्रस्त मकानों व फसलों का सर्वे कराकर सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

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फसलों पर भी बारिश की मार
लगातार बारिश से खेतों में पानी भरने के कारण खरीफ की फसलों पर नुकसान का खतरा बढ़ गया है। धान के खेतों में पानी भरने से पौधों के गिरने और फसल प्रभावित होने की स्थिति बन रही है। वहीं, बाजरा, तिल और सब्जियों की फसलें भी अधिक पानी से प्रभावित हो सकती हैं। निचले इलाकों में खेतों में जलभराव की स्थिति ज्यादा गंभीर है। किसानों का कहना है कि बारिश इसी तरह जारी रही तो फसलों को बड़ा नुकसान हो सकता है। प्रशासन की ओर से बारिश थमने के बाद फसलों के नुकसान का सर्वे कराने की उम्मीद है।

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