नौबस्ता के खाड़ेपुर इलाके में सोमवार को हुई मां-बेटी की हत्या भतीजे दीपेश ने की थी। पुलिस हिरासत में आरोपी दीपेश ने अपना जुर्म स्वीकार लिया है। दीपेश का कहना है कि उसने अकेले दोनों की हत्या की है। पहले बहन को मारा और फिर ताई को गला दबाकर मार डाला लेकिन दीपेश की यह कहानी पुलिस को हजम नहीं हो रही है।
इसके पीछे पुलिस का तर्क है कि दीपेश ने अपने हाथ-पैर खुद कैसे बांधे और वह किसे बचाने की कोशिश कर रहा हे। एसएसपी शलभ माथुर के मुताबिक इस डबल मर्डर को दीपेश के साथ कुछ और लोगों ने मिलकर अंजाम दिया है। बुधवार को पुलिस वारदात का खुलासा कर देगी। वारदात में शामिल दीपेश के साथियों को पुलिस ने ट्रेस कर लिया है, इन्हें दबोचने के लिए छापेमारी चल रही है। इधर दीपेश के अलावा जिन लोगों की नामजदगी की गई है उनकी संलिप्तता और भूमिका की जांच की जा रही है।
मालूम हो कि सोमवार को खाड़ेपुर कालोनी निवासी फैक्ट्री कर्मी शिव कुमार की पत्नी उर्मिला और बेटी की हत्या उन्हीं के घर पर कर दी गई थी, जबकि मौके पर शिव का भतीजा दीपेश घायल हालत में बंधा मिला था। शुरू से बार-बार बयान बदलने को लेकर पुलिस का शक दीपेश पर गहरा गया था। देर रात पुलिस ने दीपेश के साथ उसके पिता विजय, दो मामाओं (प्रमोद, मनीष)के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को पूछताछ में दीपेश ने पुलिस को बताया कि मां-बेटी आए दिन जमीन तो कभी प्लाट बंटवारे को लेकर ताना मारती थी। इससे तंग आकर उसने सोमवार दोपहर 12 बजे के करीब पोछा लगा रही स्वाती का पहले मुंह दबाया, फिर गर्दन दबाकर हत्या कर दी। इसके कुछ देर बाद चाची उर्मिला भी घर आ गईं तो उसे भी उसने गला दबाकर मार डाला। उसकी योजना चाचा और चचेरे भाई चंदन को भी मारने की थी, पर वह स्कूल से आने के बाद उसके मना करने पर भी कोचिंग चला गया। इससे उसका प्लान फेल हो गया।