सुशील कुमार - कर देंगे 50-60 तक
डीआईओएस - ऐसा है सुन लो मेरी बात, संतोष बाबू से मिल लो, वो सब कर देंगे। बहुत अच्छे आदमी हैं। एक बात बता दें। तीन महीने से 30 त्याई 90 हजार तो यही घुस गया।
सुशील कुमार - नहीं नहीं सर, हम सर, हमारे पिता जी की किडनी ट्रांसप्लांट कराई थी। तीस 35 लाख रुपये की।
डीआईओएस - सुन लो मेरी बात, तीन महीना पहले आपका अप्वाइंटमेंट हो गया होता और उसके बाद 90 हजार आपके खाते में आ गया होता। इधर उधर भटक रहे हो, काहे भटक रहे हो। अपनी बात संतोष से कह दो।
सुशील कुमार - कह देंगे सर, आज जाएंगे, मिल लेंगे। उन्होंने कोई लिमिट में ही बात नहीं करी, कभी 10 लाख तो कभी तीन लाख कभी चार लाख।
डीआईओएस - पहले आप मिल तो लो। मेरी बात मान लो।
सुशील कुमार - ठीक है साहब आपने कहा हम मिल लेंगे।
डीआईओएस - मिल लीजिए, मिलकर अपने बात कहो, सब कर लेंगे।
सुशील कुमार - तो सर, हम आज मिल लें उनसे
डीआईओएस - कल सवेरे
सुशील कुमार - ठीक अब कल सवेरे मिल लेंगे।
डीआईओएस - मिल लो मैं आपका फाइनल करा दूंगा। सबको सुनते हैं। ऐसा कुछ नहीं।
सुशील कुमार - ठीक सर, ठीक
डीआईओएस - और ये बात किसी को बताना मत। ये हमारी और आपकी और संतोष के बीच रहेगी।
जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने कहा कि अभी ऑडियो हमारे पास नहीं आया है। फिर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।