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फ्लैट खरीदने का मन बना रहे हैं तो ये जानकारी बेहद जरूरी, भूलकर भी नजरअंदाज न करें यह खबर

Mon, 30 Sep 2019 02:27 PM IST
शिखा पांडेय आदर्श त्रिपाठी, अमर उजाला, कानपुर
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : गूगल
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रियल एस्टेट सेक्टर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की जानकारी का अभाव फ्लैट खरीदारों पर भारी पड़ रहा है। बिल्डर मनचाही दरों और अपने बनाए नियमों के अनुसार फ्लैट बुक कराने और खरीदने वालों से जीएसटी की दरें वसूल रहे हैं। यह धनराशि विभाग के खाते में जाने के बजाय बिल्डरों की जेब में जा रही है। नतीजा, फ्लैट खरीदार बिल्डरों की मनमर्जी के शिकार हो रहे हैं।
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कानपुर में भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं। इस त्योहारी सीजन में आप भी नया फ्लैट लेने की तैयारी में हैं तो जीएसटी के नियमों को समझ लेना फायदे का सौदा होगा। अपार्टमेंट एक्ट के जानकार सीए धर्मेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि सोसाइटी में फ्लैटों की दोबारा बिक्री (रीसेल) पर किसी तरह का जीएसटी नहीं देना होगा। पूर्णता प्रमाणपत्र (कंप्लीशन सर्टिफिकेट) ले चुके प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक कराने या खरीदने पर न तो सर्विस चार्ज देना होगा और न ही जीएसटी।

उन्होंने बताया कि एक अप्रैल 2019 के बाद जिन प्रोजेक्ट का निर्माण शुरू हुआ है, उनमें एक और पांच फीसदी की दर से जीएसटी अदा करना होगा। इसे ऐसे समझें कि 90 वर्गमीटर क्षेत्रफल या 45 लाख तक की कीमत वाले फ्लैट पर एक फीसदी और इससे व कीमत वाले फ्लैटों पर पांच फीसदी की दर से जीएसटी चुकाना होगा।

फ्लैट खरीदार यह भी देखें कि जीएसटी फ्लैट की कीमत में जुड़ा है या अलग से लिया गया। यह बात भी ध्यान देने वाली है कि यदि किसी प्रोजेक्ट को पूर्णता प्रमाणपत्र नहीं मिला है, लेकिन उसमें एक भी व्यक्ति रजिस्ट्री कराकर रह रहा है तो वहां फ्लैट खरीदने में किसी प्रकार की जीएसटी का भुगतान नहीं करना होगा।

12 फीसदी से घटी दर
फ्लैट की बिक्री पर पहले 12 फीसदी की दर से जीएसटी लिया जाता था। बाद में इसे घटाते हुए दो कैटेगरी में बांट दिया गया। अब यह दरें पांच और एक फीसदी हैं।
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अपार्टमेंट एक्ट के मॉडल बायलॉज या बिल्डरों की मनमर्जी के संबंध में कोई सवाल हो तो हमें 7617566163 पर व्हाट्सएप करें या knp-cityreporter@knp.amarujala.com पर ईमेल करें।

वर्जन

 कई बार देखने में आया है कि बिल्डर खरीदार से तो जीएसटी ले लेते हैं, लेकिन विभाग में इसका भुगतान नहीं करते। इसके लिए जरूरी है कि फ्लैट खरीदार बिल्डर से टैक्स इनवाइस की मांग करें। इनवाइस में दर्ज रकम से पता लग जाएगा कि जीएसटी का भुगतान किया गया है या नहीं।  - संतोष गुप्ता, कर सलाहकार

फ्लैट खरीदने वाले का पूरा ध्यान इसी पर रहता है कि प्रोजेक्ट विवादित तो नहीं है या समय पर पजेशन मिलेगा या नहीं। जीएसटी के बारे में ज्यादातर लोगों को जानकारी ही नहीं होती। बिल्डर इसी का फायदा उठाते हैं। लोगों को चाहिए कि वे प्रोजेक्ट के साथ जीएसटी की भी पूरी जानकारी लें। - धर्मेंद्र श्रीवास्तव, सीए

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