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निशक्त के साथ ऐसी दरिंदगी, ऐसा करने से पहले शैतान भी 100 बार सोचे

Thu, 09 Mar 2017 09:47 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर

सार

ट्रैक टूटा देख झंडी लगा रोकी राजधानी
इकदिल और भरथना के बीच सेंगर नदी पुल पर टूट गई थी चकरेल
की मैन की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, आधा घंटा बाधित रहा ट्रैक
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विस्तार
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एक निशक्त के साथ ऐसी दरिंदगी का मामला सामने आया है जिसे सुनकर आपकी रूह कांप उठेगी। गनीमत बस इस बात की रही कि निशक्त को वक्त रहते बचा लिया गया।  
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उन्नाव शहर कोतवाली के मोहल्ला रतनखेड़ा में एक घर में चार नकाबपोश घुस आए। फिर इन्होंने एक निशक्त के साथ दरिंदगी का एक घिनौना खेल खेला। नकाबपोश बदमाशों ने निशक्त को पहले बड़ी बेरहमी से पीटा और आखिर में उसे मरने के लिए फांसी के फंदे पर लटका दिया। इसके बाद बदमाश वहां से भाग निकले। 

गनीमत रही कि बाजार गई निशक्त किशोर की मां समय रहते घर आ गई। उसने अपने कलेजे के टुकड़े को फंदे से लटके देखा तो उसकी चीख निकल गई। दर्दनाक चीख सुख पड़ोसी इकट्ठा हुए। इसके बाद फौरन किशोर को नीचे उतारा गया। उसकी सांसें चल रही थीं। सूचना पाकर डायल 100 मौके पर पहुंची और किशोर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
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तनखेड़ा गांव निवासी विपिन सिंह का पुत्र सत्यम (10) गुरुवार को घर पर अकेला था। पिता मजदूरी करने गया था और मां बाजार गई थी। दोपहर करीब 12 बजे चार नकाबपोश युवक उसके घर में दाखिल हुए और सत्यम से पीटने के बाद उसेे उसकी मां की ही साड़ी का फंदा बनाकर कमरे में लटका दिया और भाग निकले। अच्छा हुआ कि इसी दौरान उसकी मां गुड्डी बाजार से खरीदारी कर घर लौटी तो दरवाजे खुले मिले। भीतर पहुंची तो बेटा फांसी के फंदे से लटक रहा था। यह देख उसके होश उड़ गए।

चीखते हुए वह बाहर निकली और आसपास के लोगों को बुलाकर उनकी मदद से सत्यम को फंदे से नीचे उतारा। उसकी सांसे चल रहीं थीं। किशोर की हत्या का  प्रयास किए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और लखनऊ बाईपास पर मौजूद डायल 100 के एसआई अनिरुद्ध सिंह, सिपाही भानु प्रताप सिंह व अमित कुमार मौके पर पहुंचे। किशोर की हालत नाजुक देख उसे अपने ही वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया।
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बच्चे की मां गुड्डी ने बताया कि पति विपिन सुबह ही मजदूरी के लिए निकल गए थे। बड़ा बेटा शिवम मोहल्ले के ही प्राइमरी स्कूल में पढ़ने गया था। घर पर वह और उसका बेटा सत्यम ही थे। दोपहर करीब 12 बजे वह बेटे सत्यम को घर में अकेला छोड़कर बाजार चली गई। बेटे को घर में रुकने को कहकर उसने घर के दरवाजे में बाहर से ताला भी बंद कर दिया था, लेकिन जब वापस पहुंची तो ताला टूटा पड़ा था और दरवाजे भी खुले थे। उसने कहा किसी से दुश्मनी नहीं है। एसआई ने बताया कि जान से मारने के प्रयास की सूचना मिली थी। किशोर अब ठीक है। उसने चार लोगों के होने की बात बताई है। अधिक कुछ नहीं बता पा रहा है।
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