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हरदोई में एसडीएम पर हमला: मायावती ने बताया चिंताजनक, अखिलेश बोले- भाजपा राज में प्रशासनिक अधिकारी भी निशाने पर

Tue, 09 Jun 2026 01:40 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई

सार

Hardoi News: हरदोई में एसडीएम पर हुए जानलेवा हमले के बाद मायावती और अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्ष ने इस घटना को भाजपा सरकार की विफलताओं और अराजकता का प्रमाण बताया है।
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बाढ़ राहत निरीक्षण पर गए एसडीएम पर हमला - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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हरदोई के शाहाबाद में एसडीएम पर हुए हमले के मामले ने अब प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस घटना को भाजपा सरकार की विफल कानून-व्यवस्था का प्रमाण बताते हुए तीखे हमले किए हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि भाजपा राज में यूपी में हर तरफ टकराहट है। भाजपा ने अपनी भ्रष्ट, पक्षपाती और नफरती राजनीति से समाज को हिंसक बना दिया है।

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इससे अब प्रशासनिक अधिकारी तक निशाने पर आ गए हैं। वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती ने चिंता जताते हुए कहा कि हरदोई में सरकारी निरीक्षण के दौरान एसडीएम पर दबंगों द्वारा ईंट-पत्थर से जानलेवा हमला तथा उनका घायल होकर अस्पताल में भर्ती होना दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं, बल्कि अति-चिन्ताजनक है। सरकार को व्यापक जनहित में इस ओर समुचित ध्यान देना चाहिए,ताकि सरकारी कार्यों में कथित भ्रष्टाचार के साथ-साथ प्रदेश को अराजक तत्वों से बचाया जा सके।

ये था पूरा मामला
बता दें कि शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के परियल गांव में बाढ़ राहत की तैयारियों का जायजा लेने गए एसडीएम से प्रधान के बेटे ने अभद्रता कर दी। इस पर एसडीएम ने उसे अपने पास बैठा लिया। प्रधान के बेटे ने फोन कर गांव से महिलाएं और ग्रामीण बुला लिए। मामला शांत होने पर एसडीएम वापस जाने लगे तभी महिलाओं और ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। सिर में पत्थर लगने से एसडीएम घायल हो गए। उनके सिर में पांच टांके लगाए गए हैं। मेडिकल कॉलेज में डीएम, एसपी समेत आला प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

11 जून को बाढ़ राहत का मॉकड्रिल होना है
शाहाबाद के एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा सोमवार शाम लगभग साढ़े चार बजे परियल गांव गए थे। यह गांव गर्रा नदी के किनारे है। 11 जून को बाढ़ राहत का मॉकड्रिल होना है। इसकी तैयारी के सिलसिले में वह परियल गए थे। इस दौरान बालू भरी ट्राॅली के अभिलेख देखे। अभिलेख सही मिलने पर उसे जाने दिया गया। बाढ़ शरणालय की दृष्टि से वह अन्नपूर्णा भवन और आरआरसी देखने लगे। इस दौरान प्रधान का बेटा उदयवीर राजपूत वहां आ गया। आरआरसी में दो दरवाजे न लगे हाेने के बारे में पूछने पर उदयवीर आक्रामक हो गया।

कोई सजा देने के लिए नहीं बैठाया है
इस पर एसडीएम ने उसे अपने पास बैठा लिया। इस बीच उदयवीर ने गांव में फोन कर दिया, तो ग्रामीण आ गए। इस पर एसडीएम ने बताया कि इन्हें कोई सजा देने के लिए नहीं बैठाया है। बाढ़ की जानकारी करने के लिए रोका है। इस पर ग्रामीण शांत हो गए। कुछ देर बाद जब एसडीएम वापस जाने लगे, तो ग्रामीणों ने उदयवीर के साथ मिलकर पथराव और हमला कर दिया। घायल एसडीएम को उनके सहयोगी वहां से लेकर सीएचसी शाहाबाद पहुंचे। घटना का पता चलने पर एडीएम प्रफुल्ल त्रिपाठी और एसडीएम सदर मयंक कुंडू भी वहां आ गए। इसके बाद एसडीए को मेडिकल कॉलेज लाया गया।

प्रधान के पति हैं भाजपा के जिला पंचायत सदस्य
परियल की प्रधान शिवरानी हैं। उनके पति लालाराम राजपूत जिला पंचायत के सदस्य हैं। लालाराम राजपूत पूर्व में बसपा और सपा में रहने के बाद इन दिनों भाजपा में सक्रिय हैं। लालाराम लगातार तीसरी बार जिला पंचायत सदस्य हैं। उनका पक्ष जानने के लिए उन्हें कॉल की गई लेकिन उनके व परिजन के मोबाइल स्विच ऑफ मिले।

सवाल पर बिगड़ा प्रधान के बेटे का मूड
विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि आरआरसी के दरवाजे न लगे होने और अन्न पूर्णा भवन का शटर न खुलने पर एसडीएम ने इसकी फोटो खींच ली। दोनों फोटो बीडीओ शाहाबाद को भेज दीं। बीडीओ शाहाबाद ने बताया कि आरआरसी ग्राम पंचायत को हैंडओवर हो गया है और इसका पूरा भुगतान हो चुका है। अन्नपूर्णा भवन हैंडओवर न होने की जानकारी भी बीडीओ ने दी। इस पर एसडीएम ने भुगतान पूरा होने और गेट न लगे होने पर नाराजगी जताई तो उदयवीर का मूड बिगड़ गया।
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कानून व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति किसी को भी नहीं है। जिन लोगों ने भी घटना को अंजाम दिया है वे चाहे जितने ताकतवर हों, उनसे सख्ती से निपटा जाएगा। कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस की नीति का पालन हर हाल में होगा।  -अनुनय झा, डीएम
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