उसे रामचंद्र देवीगंज स्थित इंडियन प्रेस बिटेरियन चर्च ले गया था। जहां पादरी से मुलाकात कराई थी। रामचंद्र और पादरी उसे नैनी स्थित शुआट्स के यीशू दरबार ले गए। शुआट्स के कुलपति आरबीलाल, निदेशक विनोद बी लाल, अजय लारेंस, पीआरओ रमाकांत दुबे, जोनाथल लाल, एसबी लाल, स्टीफेन दास, डेरिक डेनिस, रामचंद्र, पादरी व अन्य 50 लोगों ने प्रलोभन देकर धर्मपरिवर्तन के लिए प्रेरित किया। इसके बाद रामचंद्र और पादरी के साथ देवीगंज चर्च लौटा।
उसका चर्च में धर्मपरिवर्तन कराया। पुलिस विवेचना दौरान पादरी का नाम विमल कुमार ढिल्लो प्रकाश में लाई। पादरी मूल रुप से बिहार प्रांत के आरा जिले के रहने वाला होने का पुलिस को पता लगा। विवेचना दौरान पादरी कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। बाकी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी में सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा रखी है। आरोपियों में रामचंद्र को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। फरार पादरी के खिलाफ कोर्ट ने कुर्की नोटिस जारी की। राधानगर चौकी प्रभारी प्रवीण कुमार दुबे के नेतृत्व में चर्च गेट, कोर्ट गेट और नगर पालिका गेट पर कुर्की नोटिस चस्पा की गई है।