यूपी एटीएस ने पांच राज्यों की पुलिस के साथ देशभर के अलग-अलग स्थानों से कई संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। इनका ISIS से सीधा कनेक्शन तो अभी तक नहीं मिला है लेकिन इससे इनकार भी नहीं किया जा सकता क्योंकि इनके आतंकी मंसूबों में ट्रेनों को नुकसान पहुंचाना भी शामिल है और ट्रेनों में आतंकी वारदात की शुरुआत कानपुर से हुई थी। एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां कानपुर में इनपुट जुटा रही हैं। ट्रेनों पर हमले में आतंकी साजिश का खुलासा सबसे पहले अमर उजाला ने ही किया था। इसके अलावा उज्जैन में पैसेंजर ट्रेन में बम ब्लास्ट होने के बाद कानपुर से आतंकी संगठन आईएसआईएस के पनपने का खुलासा हुआ था। संगठन के पांच आतंकी भी शहर से गिरफ्तार किए जा चुके हैं और लखनऊ में मारा गया सैफुल्लाह भी कानपुर का था। कानपुर आतंकी गतिविधियों के लिहाज से अति संवेदनशील है।
पुखरायां रेल हादसे में आतंकी साजिश
पुखरायां में 20 नवंबर 2016 को तड़के करीब पौने पांच बजे इंदौर-पटना एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी। हादसे में 152 यात्रियों की मौत हुई थी और 300 से अधिक यात्री घायल हुए थे। बाद में इस हादसे में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ होने की पुष्टि हुई थी। नेपाल से आईएसआई एजेंट शमशुल होदा, बिहार से मोती पासवान व अन्य एजेंट गिरफ्तार किए गए थे जिन्होंने पुखरायां में ट्रैक के नीचे कुकर बम विस्फोट से ट्रेन पलटाने की बात कबूली थी। इसके बाद से नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) मामले की जांच कर रही है। जांच में अभी कुछ सामने नहीं आया है। इसके अलावा रूरा रेल हादसे और मंधना में पटरी काटने की साजिश में भी आतंकी साया मंडराया था। सभी मामलों की जांच अभी एनआईए कर रही है।