लवलेश कहता था कि डॉन को मारकर डॉन बनूंगा
लवलेश तिवारी की पसंदीदा फिल्म सनी देओल की अर्जुन पंडित रही है। उसका कहना था कि "डॉन को मारकर डॉन" बनूंगा। बताया जा रहा है कि उसने इस कांड को अपनी इसी महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए अंजाम दिया।
पड़ोसियों को नहीं हो रहा घटना पर यकीन
पड़ोस के दुष्यंत सिंह ने बताया कि उसका पूरा परिवार बहुत सीधा है। लवलेश इतना बड़ा कांड कैसे कर सकता है? विश्वास नहीं हो रहा। खैर, लवलेश एक बात हमेशा कहता था कि कुछ बड़ा करने की इच्छा है। 5-6 माह से ऐसी बात ज्यादा करने लगा था। महत्वाकांक्षा भी बड़ा करने की बढ़ गई थी। इसी के चलते वह डॉन को मारकर डॉन बन गया।
लवलेश के पिता चलाते हैं स्कूल बस
लवलेश के पिता यज्ञ तिवारी सेंट मेरीज सीनियर सेकेंडरी स्कूल की बस चलाते हैं। मूलरूप से चिल्ला थाना क्षेत्र के लौमर गांव के रहने वाले हैं। यहां शहर में करीब 4 साल से अधिवक्ता व्योमेश कुमार सिंह के घर में किराए से रह रहे हैं।
स्नातक फेल लवलेश नशे का लती था
स्नातक फेल लवलेश तिवारी नशे का आदी बताया गया है। पिता यज्ञ तिवारी ने बताया कि छह रोज पहले घर आया था। उसका ढर्रा सही नहीं रहा। स्नातक फेल होने के बाद उसने पढ़ाई बंद कर दी थी। गलत संगत में चला गया। घरवालों ने भी उसका पीछा छोड़ दिया था। चार भाइयों में तीसरे नम्बर का था। कोई काम नहीं करता था। पिता ने बताया कि इतनी बड़ी वारदात कैसे कर दी? वह खुद नहीं समझ पा रहे। लवलेश का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व एक छात्रा को तमाचा जड़ने पर आठ दिन जेल में रहा है। घटना से लवलेश का परिवार दहशत में है।