डेढ़ साल रहा था जेल में
छात्रा ने उसके विरुद्ध छेड़छाड़ समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था। लगभग डेढ़ साल जेल में रहा। बाद में पिता यज्ञ कुमार ने उसकी जमानत कराई। मां की कसम के बाद भी लवलेश में कोई सुधार नहीं आया।
मामूली बातों पर करता था मारपीट
रोज नशा करता रहा और अक्सर मामूली बातों पर मारपीट करता था। इसी वजह से परिजनों ने उससे नाता तोड़ रखा था। प्रयागराज की घटना से उसके मंसूबे सामने आ गए। बता दें कि सोमवार की सुबह उसे घर को पूरा नजारा ही बदल गया। घर पर ताला लटक रहा था। कोई ये नहीं बता सका परिवार कहां है।
पैर न छूने पर दोस्तों से गांठता था रुआब
माफिया का हत्यारोपी व शहर के क्योटरा निवासी लवलेश अपने दोस्तों में ब्राह्मण होने की बात कहकर रुआब गांठता था। लोगों से पैर छुआना उसे बेहद पसंद था। कोई दोस्त अगर पैर नहीं छूता, तो उससे रंगबाजी अंदाज में पेश आता था। उसकी इस हरकत को सभी दोस्त जानते थे, लेकिन कोई विरोध नहीं करता था।
शूटर बनने की ट्रेनिंग भी मिली होगी
माफिया अतीक पर गोलियां बरसाने वाले लवलेश तिवारी को शायद प्रशिक्षित किया गया था। मामूली घराने के लवलेश ने कभी इस तरह बंदूक नहीं चलाई। न मोहल्ले वालों ने उसे तमंचा आदि के साथ कभी देखा था। घटना वाले दिन जिस तरह से गोलियां बरसा रहा था, उससे वह शातिर शूटर नजर आया।
पुलिस के लिए सवाल, कैसे मिला महंगा हथियार
खास बात यह है कि उसके हाथ में जो पिस्टल थी, उसकी कीमत लगभग आठ लाख रुपये बताई गई है। इतना कीमती हथियार उसे कैसे मिला, पुलिस के लिए अभी भी सवाल बना हुआ है। हालांकि लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया है, लेकिन अभी पुष्टि नहीं हुई है।