यूपी के कन्नौज जिले में एआरटीओ के सहायक कैशियर को गोली मारकर लूट के मामले में पुलिस ने कानपुर और लखनऊ के दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से लूटी गई रकम, पिस्टल, तमंचा, चोरी की बाइक बरामद की गई है। उन्नाव निवासी एक बदमाश पुलिस पकड़ से भाग निकला। उसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है।
एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि एआरटीओ के सहायक कैशियर अनुराग पांडेय को गोली मारकर एसबीआई की सरायमीरा शाखा के बाहर बदमाशों ने 2.81 लाख रुपये लूट लिए थे। एसपी ने बताया कि खुलासे के लिए आईजी कानपुर जोन के निर्देश पर जोनल क्राइम ब्रांच प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा, सदर कोतवाल एके सिंह और सर्विलांस टीम प्रभारी शैलेंद्र सिंह को लगाया गया था। जांच के दौरान बदमाशों के सुराग हाथ लगे।
सोमवार सुबह करीब पांच बजे तीन बदमाशों के पल्सर बाइक से बिल्हौर होते हुए हरदोई की ओर जाने की सूचना मिली। इस पर पुलिस टीमों ने यासिनपुर गांव के पास घेराबंदी कर ली। पुलिस को देख बाइक पर पीछे बैठा बदमाश कूदकर भाग निकला लेकिन पुलिस ने मो. कासिम उर्फ पप्पू पुत्र बाबू खां निवासी राजू सिंह गट्टा मझरिया थाना नौबस्ता कानपुर और सलीम उर्फ सबलू पुत्र असलम निवासी सुजानपुर हाता थाना कृष्णा नगर लखनऊ को दबोच लिया।
पांच साल से पुलिस के लिए चुनौती बना था कासिम
दोनों के पास से एक पिस्टल, एक तमंचा, चोरी की बाइक और कैशियर से लूटे गए 1.31 लाख रुपये बरामद किए गए। बदमाशों ने भागे साथी का नाम राजू खैराती पुत्र शमशुद्दीन निवासी पंजाबी टोला बांगरमऊ जिला उन्नाव बताया है। एसपी ने बताया कि पकड़े गए बदमाश बेहद शातिर हैं। ये गिरोह बनाकर सरेआम गोली मारकर लूटपाट करते थे। खुलासा करने वाली टीमों को एसपी ने 25-25 हजार रुपये इनाम दिया है।
सहायक कैशियर से हुई लूट की वारदात में गिरफ्तार किया गया बदमाश कासिम उर्फ पप्पू बेहद शातिर है। वह पांच साल से कानपुर नगर जिले की पुलिस के लिए चुनौती बना था। कासिम ने 2004 में चोरी और लूटपाट की वारदातों को अंजाम देकर जरायम की दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद उसने ताबड़तोड़ कई लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया था।
कानपुर के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, आर्म्स एक्ट आदि के 30 मुकदमे दर्ज हैं। 2014 से कानपुर पुलिस उसकी तलाश रही थी। लखनऊ निवासी दूसरे बदमाश सलीम उर्फ सबलू के खिलाफ भी कानपुर में नौ मुकदमे दर्ज हैं। कन्नौज सदर कोतवाली पुलिस ने उनके खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए हैं।
टोपी और चप्पल से बदमाश तक पहुंची पुलिस
सहायक कैशियर लूटकांड का खुलासा करने में एक बदमाश का टोपी लगाने और चप्पल पहनने का शौक मददगार बना। सीसीटीवी फुटेज में एक बदमाश टोपी लगाए और चप्पलें पहने दिखा था। बदमाश के हुलिये के आधार पर पड़ताल शुरू करने पर पुलिस के हाथ बदमाशों तक पहुंच गए।
दिन दहाड़े गोली मारकर एआरटीओ के सहायक कैशियर से लूट ने कन्नौज पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दिया था। खुलासे के लिए टीमें बनाकर आईजी जोन कानपुर खुद निगरानी कर रहे थे। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस टीमों ने छानबीन शुरू की। कानपुर और लखनऊ में हुई लूट की वारदात के तरीकों पर भी गौर किया गया। ज्यादातर वारदात में एक बदमाश टोपी लगाए और चप्पलें पहने दिखाई दिया।
टोपी और चप्पल पहनकर कासिम वारदात को अंजाम देता था
बदमाशों ने जेल से रिहा हुए बदमाशों पर शिकंजा कसा। छानबीन में पता चला कि टोपी और चप्पल पहनकर कासिम उर्फ पप्पू वारदात को अंजाम देता है। इसके बाद पुलिस ने कासिम पर निगाहें गड़ा दी और सोमवार को उसे दबोच लिया। सदर कोतवाल एके सिंह ने बताया कि कासिम के सिर में बाल नहीं है, इससे वह टोपी लगाता है। तीनों बदमाश जुआं खेलने के शौकीन है। लूट का पैसा जुआं और नशेबाजी में पैसे बर्बाद कर देते थे।
एआरटीओ कार्यालय के सहायक कैशियर अनुराग पांडेय से लूटपाट की साजिश सलीम उर्फ सबलू ने रची थी। सलीम किराए पर चार पहिया गाड़ी चलाता है और कई बार एआरटीओ कार्यालय काम से आ चुका था। वह सहायक कैशियर से दस लाख रुपये लूटना चाहता था। इसकी ठोस सूचना बदमाशों के पास थी लेकिन उस दिन अनुराग पांडेय सिर्फ 2.81 लाख ही जमा करने गए थे। एएसपी केशव चंद्र गोस्वामी ने बताया कि अन्य लोगों की लूट में संलिप्तता की छानबीन चल रही है।