कानपुर में 31 दिसंबर की रात हुई आशु यादव की हत्या के मुख्य आरोपी गैंगस्टर प्रेमी-प्रेमिका को एसटीएफ ने सोमवार को सुजातगंज पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया। हत्या के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को तो जेल भेज दिया था लेकिन ये दोनों मुख्य आरोपी छह महीने से फरार थे।
पुलिस ने दोनों पर 50-50 हजार का इनाम भी घोषित था। आरोपियों के पास से देसी पिस्टल, कारतूस समेत अन्य दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। पूछताछ के बाद एसटीएफ ने हरबंश मोहाल थाने में दोनों दाखिल किया। इसके बाद जेल भेज दिया गया।
रेलबाजार निवासी आशु यादव की हत्या कर दी गई था। बर्रा में उसका शव उसी की कार में पड़ा मिला था। पुलिस ने घटना का खुलासा कर किदवईनगर निवासी सचिन वर्मा व किशन वर्मा को जेल भेजा था। पुलिस ने दावा किया था कि शिवली कानपुर देहात निवासी गैंगस्टर दीपिका शुक्ला से आशु के संबंध थे।
उधर, दीपिका के हरबंश मोहाल निवासी गैंगस्टर अमित गुप्ता से भी संबंध थे। दीपिका ने जब आशु से दूरी बनानी शुरू कर दी तो वह उसके पीछे पड़ गया। तब दीपिका ने साजिश के तहत उसे अपने घर बुलाया। यहीं पर अमित के साथ मिलकर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। एसटीएफ इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सर्विलांस की मदद से दोनों की गिरफ्तारी की गई।