प्रदेश की योगी सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां प्रदेश के सभी जिलों की प्रमुख नदियों में प्रवाहित करने का निर्णय लिया है। जिसमें दुर्भाग्य से विश्वप्रसिद्ध भगवान राम की कर्मस्थली चित्रकूट स्थित मंदाकिनी शामिल नहीं है। इसे लेकर धर्मनगरी के लोग निराश हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अस्थि विसर्जन का जो रोडमैप तैयार किया गया है उसमें चित्रकूट की पवित्र माँ मंदाकिनी का नाम नही है। जो माँ सती अनुसूईया के प्रभाव के चलते देवलोक से चित्रकूट में प्रकट हुईं थीं। इस नदी का अपना पौराणिक महत्व है। प्रभु श्री राम ने अपने वनवास काल के 13 साल के दौरान प्रतिदिन माँ मंदाकिनी में स्नान किया है।