कानपुर के असलहा लाइसेंस विभाग में रखीं शस्त्र लाइसेंस की 40 हजार फाइलें शक के दायरे में हैं। जिला प्रशासन की तरफ से बनाई गई टीम सभी फाइलों की जांच करने में जुट गई है। जांच के बाद रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी।
करीब एक साल पहले विभाग के बाबुओं की मिलीभगत से अधिकारियों के फर्जी साइन बनाकर असलहा लाइसेंस जारी करने का खुलासा हुआ था। इसके बाद बिकरू कांड से जुड़े कई आरोपियों के नाम भी असलहा लाइसेंस जारी होने का मामला सामने आया था।
शासन के निर्देश पर शुरू हुई जांच में अब एक के बाद एक नई परतें खुल रही हैं। शासन और प्रशासन की तरफ से यह आशंका जाहिर की गई है कि असलहा विभाग में पड़ी ज्यादातर फाइलें बिना अनुमोदन के पास कर दी गईं है।
जांच टीम यहां पड़ीं सभी 40 हजार फाइलों को सूचीबद्ध कर रही है। जांच में देखा जाएगा कि जिन लोगों को लाइसेंस जारी किया गया है, उनका व्यवसाय क्या है। उनकी क्रिमिनल हिस्ट्री भी देखी जा रही है। आशंका है कि ऐसे लोगों को भी लाइसेंस दिया गया है, जिनका क्राइम रिकॉर्ड रहा है।